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नेपाल के त्रिपुरा सुंदरी की असाड़ी जात संपन्न
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नेपाल के त्रिपुरा सुंदरी मेले में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़।
- फोटो : PITHORAGARH
बैतड़ी (नेपाल)। नेपाल के बैतड़ी जिले की प्रसिद्ध अषाड़ी जात शांतिपूर्वक संपन्न हो गई। कोराना के वजह से मेला स्थल में बहुत ही कम लोग उपस्थित रहे। मेला समिति के कुछ लोगों के अलावा भारत से कोई भी व्यक्ति नहीं जा पाया।
सोमवार को छोटी जात के बाद मंगलवार को देओल नामक स्थान पर बड़ी जात हुई। मंदिर के कुछ लोग मां भगवती की सवारी लेकर पुजारा गांव गए और वापिस में मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद अस्त्रशस्त्र परिसर के गर्भ गृह में रख दिए गए। कार्तिक माह में होने वाली जात में फिर से मां भगवती की जात होगी।
मेला परिसर में कोरोना की वजह से कोई भी दुकान भी नहीं लगी। जात में शामिल लोगों में से किसी ने भी मास्क नहीं पहना और न ही सामाजिक दूरी का पालन देखने को मिला। अंतरराष्ट्रीय सीमा पुल बंद होने से भारत से कोई भी श्रद्धालु नेपाल नहीं जा पाया। मेले में इस बार बलि भी नही हुई। मेला संपन्न होने के बाद व्यवस्थापन समिति के सदस्य गणेश थापा ने सभी का आभार व्यक्त किया।
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सोमवार को छोटी जात के बाद मंगलवार को देओल नामक स्थान पर बड़ी जात हुई। मंदिर के कुछ लोग मां भगवती की सवारी लेकर पुजारा गांव गए और वापिस में मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद अस्त्रशस्त्र परिसर के गर्भ गृह में रख दिए गए। कार्तिक माह में होने वाली जात में फिर से मां भगवती की जात होगी।
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मेला परिसर में कोरोना की वजह से कोई भी दुकान भी नहीं लगी। जात में शामिल लोगों में से किसी ने भी मास्क नहीं पहना और न ही सामाजिक दूरी का पालन देखने को मिला। अंतरराष्ट्रीय सीमा पुल बंद होने से भारत से कोई भी श्रद्धालु नेपाल नहीं जा पाया। मेले में इस बार बलि भी नही हुई। मेला संपन्न होने के बाद व्यवस्थापन समिति के सदस्य गणेश थापा ने सभी का आभार व्यक्त किया।
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