फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   asha workers protested in pithoragarh

मानदेय और भत्ते की मांग को लेकर गरजीं आशा कार्यकर्ता

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Fri, 03 Jul 2020 10:33 PM IST
विज्ञापन
asha workers protested in pithoragarh
गंगोलीहाट में प्रदर्शन करती आशा वर्कर। संवाद - फोटो : PITHORAGARH
पिथौरागढ़। राज्य कर्मचारी का दर्जा देने और प्रतिमाह 18 हजार रुपये का मानदेय देने सहित विभिन्न मांगों को लेकर आशा वर्कर्स यूनियन ने जिले भर में धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान आशा वर्कर्स ने कहा कि कोरोना महामारी और लॉक डाउन में भी सभी काम आशाएं कर रही हैं, लेकिन न तो उन्हें मानदेय दिया जा रहा है और नहीं भत्ता दिया।
विज्ञापन

इसके बाद आशाओं ने डीएम के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। धरना प्रदर्शन करने वालों में आशा वर्कर्स यूनियन की जिलाध्यक्ष इंद्रा देउपा, ब्लाक अध्यक्ष कमला भट्ट, माधवी देवी, मंजू विश्वकर्मा, गोदावरी देवी, लीला जोशी, उर्मिला सौन, गायत्री देवी, बसंती सौन, निर्मला पाल, राजेश्वरी जोशी, मीना कुंवर, सीमा नगरकोटी, हीरा कार्की, कमला चंद, भागरथी पांडे, सविता नगरकोटी, मीना गिरी, शांति, मीना खत्री शामिल रहीं। धारचूला, बेड़ीनाग, थल, कनालीछीना, मुनस्यारी सहित सभी ब्लाक और तहसील मुख्यालयों में तैनात आशाओं ने भी सीएम को ज्ञापन भेजकर उचित मानदेय देने की मांग की है।
विज्ञापन

समय पर मानदेय न मिलने का आरोप
डीडीहाट/गंगोलीहाट। डीडीहाट की आशा वर्कर्स ने राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर ज्ञापन भेजा। दीपा मनौला के नेतृत्व में राज्य सरकार पर उन्हें दो हजार का मानदेय भी समय पर न मिलने का आरोप लगाया। कहा कि यदि शीघ्र उन्हें सरकारी कर्मचारी घोषित नहीं किया गया तो वह उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे। प्रदर्शन करने वालों में देवकी देवी, पुष्पा देवी, कमला पंचपाल, ममता कन्याल, कौशल्या देवी, हीरा देवी, नंदी देवी आदि शामिल थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

गंगोलीहाट में ब्लॉक अध्यक्ष उमा मेहरा के नेतृत्व में सीता बोरा, कमला बिष्ट, सुनीता सेलोनी, ममता देवी, रीता देवी, मुन्नी देवी, गीता देवी, रेखा देवी, मंजू देवी, निर्मला देवी, कमला बिष्ट, गीता पंत, बीना कोठारी सहित दर्जनों आशा कार्यकर्ताओं ने एसडीएम भगत सिंह फोनिया के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा।
चंपावत की आशाओं को निकालने का कड़ा विरोध
पिथौरागढ़। चंपावत जिले की 250 आशाओं को निकालने का पिथौरागढ़ की आशाओं ने कड़ा विरोध किया है। जिलाध्यक्ष इंद्रा देउपा ने कहा है कि यदि निकाली गईं आशाओं को वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन किया जाएगा। जिलाध्यक्ष ने कहा कि गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए अस्पताल पहुंचाने और टीकाकरण से लेकर आशाओं के पास पहले से ही तमाम दायित्व हैं। अब घर-घर जाकर सर्वे करने का काम सौंपा गया है, जो मानदेय आज तक दिया जाता है वह भी कभी समय पर नहीं मिलता है। चार माह से मानदेय नहीं मिला है। नवंबर से प्रोत्साहन राशि नहीं मिली है। मानदेय और भत्ता नहीं मिलने के बावजूद पिथौरागढ़ जिले में आशाएं घर-घर जाकर सर्वे का कार्य कर रही हैं। इतनी जिम्मेदारियों के बावजूद चंपावत जिले की आशाओं को निकाला गया। जिसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा है कि यदि निकालना ही है तो पूरे उत्तराखंड की आशाओं को निकाला जाय।

आशाओं से बंधुआ मजदूरी कराने का आरोप
पिथौरागढ़। जिला पंचायत सदस्य जगत मर्तोलिया ने शुक्रवार को कार्य बहिष्कार कर रही आशाओं के आंदोलन का समर्थन किया। मर्तोलिया ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर कहा कि कोरोना महामारी से समाज को बचाने के लिए अहम भूमिका निभाने वाली आशाओं से बंधुआ मजदूरी कराई जा रही है, जो गलत है। टिहरी एवं ऊधमसिंहनगर जिले में दो आशाओं की केविड-19 ड्यूटी के समय मौत हो गई थी, उनके परिवार के प्रति सरकार ने संवेदना तक व्यक्त नहीं की। मर्तोलिया ने कहा कि जब आशाएं काम का दाम मांग रही हैं तो उन्हें बर्खास्त किया जा रहा है। सरकार तनाशाह बनी हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed