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अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स : बेटियों को कम आंकना छोड़ना होगा
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पिथौरागढ़ के सोर वैली पब्लिक स्कूल में आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में मौजूद छात्राएं और प्रधाना?
- फोटो : PITHORAGARH
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पिथौरागढ़। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से अपराजिता 100 मिलियन स्माइल के तहत सोर वैली पब्लिक स्कूल में गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दौरान बेटियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि समाज तभी सशक्त हो सकता है जब हम बेटियों को बेटों से कम आंकना छोड़ देंगे।
अपराजिता कार्यक्रम के तहत सोर वैली पब्लिक स्कूल में आयोजित गोष्ठी का शुभारंभ प्रधानाचार्य लीलावती भट्ट जोशी ने किया। सामाजिक चिंतक डॉ. तारा सिंह ने कहा बेटियों को शास्त्रों और वेदों में देवी का दर्जा प्राप्त है। मगर समाज में उनका आज भी तिरस्कार होता है। समाज में बेटियों को बराबरी का दर्जा तभी मिल सकता है। जब हम उन्हें अबला समझना छोड़ दें। उन्होंने पन्ना धाय की जीवनी को विस्तार से बताकर त्याग और बलिदान के लिए प्रेरित किया। इसके अलावा उन्होंने तमाम महान नारियों की जीवन गाथा से अवगत कराया।
शिक्षिका मीना पाटनी ने कहा कि आज बेटियां हर क्षेत्र में बेटों की बराबरी कर रही हैं। इसलिए बेटी को किसी भी रूप में कम नहीं आंका जा सकता है। गोष्ठी में ललित प्रसाद पाटनी, मंजू रजवार, सुचित्रा भंडारी, सुनीता उप्रेती आदि शामिल रहे।
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अपराजिता कार्यक्रम के तहत सोर वैली पब्लिक स्कूल में आयोजित गोष्ठी का शुभारंभ प्रधानाचार्य लीलावती भट्ट जोशी ने किया। सामाजिक चिंतक डॉ. तारा सिंह ने कहा बेटियों को शास्त्रों और वेदों में देवी का दर्जा प्राप्त है। मगर समाज में उनका आज भी तिरस्कार होता है। समाज में बेटियों को बराबरी का दर्जा तभी मिल सकता है। जब हम उन्हें अबला समझना छोड़ दें। उन्होंने पन्ना धाय की जीवनी को विस्तार से बताकर त्याग और बलिदान के लिए प्रेरित किया। इसके अलावा उन्होंने तमाम महान नारियों की जीवन गाथा से अवगत कराया।
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शिक्षिका मीना पाटनी ने कहा कि आज बेटियां हर क्षेत्र में बेटों की बराबरी कर रही हैं। इसलिए बेटी को किसी भी रूप में कम नहीं आंका जा सकता है। गोष्ठी में ललित प्रसाद पाटनी, मंजू रजवार, सुचित्रा भंडारी, सुनीता उप्रेती आदि शामिल रहे।
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