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भारत के रास्ते नेपाल जाने वाले पशुओं का होगा टीकाकरण
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पिथौरागढ़। चीन सीमा पर स्थित नेपाल के तिंकर और छांगरू गांवों से भारत के रास्ते माइग्रेशन से लौटने वाले पशुओं का टीकाकरण किया जाएगा। इसके लिए पशुपालन की एक टीम तवाघाट में तैनात होगी।
तिंकर और छांगरू गांवों तक पहुंचने के लिए नेपाल के पास अभी उचित मार्ग नहीं है। नेपाल के दो गांवों के लोग हर साल माइग्रेशन पर पशुओं के साथ अपने मूल गांव तिंकर और छांगरू जाते हैं। इसके लिए उन्हें भारतीय मार्ग से ही आवाजाही करनी पड़ती है। यह परिवार धारचूला के झूलापुल से भारत में प्रवेश करते हैं और कालापानी के सीतापुल से नेपाल के अपने गांवों में जाते हैं।
इसी तरह से वापसी में सीतापुल से भारत में आकर धारचूला से नेपाल में चले जाते हैं। उच्च हिमालयी क्षेत्र में बर्फबारी होने से इस साल भी माइग्रेशन पर गए इन दो गांवों के लोग अपने पालतू पशुओं झुप्पू, घोड़ों, गाय और बैलों के साथ अब वापसी करने लगेंगे। इस वर्ष पशुओं में लंपी बीमारी का खतरा बना है इसे देखते हुए पशुपालन विभाग नेपाल के गांवों से आने वाले सभी पशुओं का टीकाकरण करेगा। इसके लिए विभाग की एक टीम तवाघाट में तैनात रहेगी। पिथौरागढ़ के सीवीओ डॉ.योगेश भारद्वाज ने बताया कि पशुओं में लंपी बीमारी का खतरा बना है। इसे देखते हुए माइग्रेशन से आने वाले पशुओं का टीकाकरण किया जाएगा।
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15 नवंबर तक बढ़ा पशुओं के आयात पर प्रतिबंध
पिथौरागढ़। लंपी बीमारी के मद्देनजर पशुपालन विभाग ने बाहरी जनपदों या राज्यों से जिले में पशुओं के आयात पर लगाई रोक 15 नवंबर तक बढ़ाने का निर्णय है। इसके लिए विभाग की ओर से जिला प्रशासन को प्रस्ताव भेजा गया है। सीवीओ योगेश भारद्वाज ने बताया कि पहले 31 अक्तूबर तक पशुओं के आयात पर प्रतिबंध लगाया गया था। अब इसे 15 नवंबर तक के लिए बढ़ाया जा रहा है। संवाद
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तिंकर और छांगरू गांवों तक पहुंचने के लिए नेपाल के पास अभी उचित मार्ग नहीं है। नेपाल के दो गांवों के लोग हर साल माइग्रेशन पर पशुओं के साथ अपने मूल गांव तिंकर और छांगरू जाते हैं। इसके लिए उन्हें भारतीय मार्ग से ही आवाजाही करनी पड़ती है। यह परिवार धारचूला के झूलापुल से भारत में प्रवेश करते हैं और कालापानी के सीतापुल से नेपाल के अपने गांवों में जाते हैं।
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इसी तरह से वापसी में सीतापुल से भारत में आकर धारचूला से नेपाल में चले जाते हैं। उच्च हिमालयी क्षेत्र में बर्फबारी होने से इस साल भी माइग्रेशन पर गए इन दो गांवों के लोग अपने पालतू पशुओं झुप्पू, घोड़ों, गाय और बैलों के साथ अब वापसी करने लगेंगे। इस वर्ष पशुओं में लंपी बीमारी का खतरा बना है इसे देखते हुए पशुपालन विभाग नेपाल के गांवों से आने वाले सभी पशुओं का टीकाकरण करेगा। इसके लिए विभाग की एक टीम तवाघाट में तैनात रहेगी। पिथौरागढ़ के सीवीओ डॉ.योगेश भारद्वाज ने बताया कि पशुओं में लंपी बीमारी का खतरा बना है। इसे देखते हुए माइग्रेशन से आने वाले पशुओं का टीकाकरण किया जाएगा।
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15 नवंबर तक बढ़ा पशुओं के आयात पर प्रतिबंध
पिथौरागढ़। लंपी बीमारी के मद्देनजर पशुपालन विभाग ने बाहरी जनपदों या राज्यों से जिले में पशुओं के आयात पर लगाई रोक 15 नवंबर तक बढ़ाने का निर्णय है। इसके लिए विभाग की ओर से जिला प्रशासन को प्रस्ताव भेजा गया है। सीवीओ योगेश भारद्वाज ने बताया कि पहले 31 अक्तूबर तक पशुओं के आयात पर प्रतिबंध लगाया गया था। अब इसे 15 नवंबर तक के लिए बढ़ाया जा रहा है। संवाद