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Pithoragarh News: एक एंबुलेंस जिसे व्यवस्था ने खराब कर दिया

Sun, 17 Mar 2024 11:15 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Sun, 17 Mar 2024 11:15 PM IST
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An ambulance that got ruined by the system
राजेंद्र सामंत
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कनालीछीना (पिथौरागढ़)। कनालीछीना विकासखंड में एक एंबुलेंस को व्यवस्था ने खराब कर दिया है। पीएचसी कनालीछीना में चार साल पहले बीएडीपी मद से 35 लाख से खरीदी गई एंबुलेंस आने के बाद से ही गैराज में बंद है। इन चार वर्षों में एंबुलेंस के भीतर लगे यूरिन जांच, खून जांच सहित कई अन्य उपकरण रखरखाव के अभाव में खराब हो चुके हैं। पूर्व में स्वास्थ्य विभाग वाहन चालक नहीं होने से इसके संचालन में दिक्कत की बात कहता था। अब कहा जा रहा है कि एंबुलेंस खराब हो गई है जिसे ठीक करने के लिए प्रस्ताव भेजा जा रहा है।

वर्ष 2011 में तत्कालीन सीएम रमेश पोखरियाल निशंक ने सीएचसी कनालीछीना का लोकार्पण किया। नौ साल बाद अस्पताल में सीएचसी का बोर्ड हटाकर पीएचसी का बोर्ड लगा दिया गया। इस अस्पताल पर 40 हजार से अधिक की आबादी निर्भर है। इसके बाद भी अस्पताल में सिर्फ सर्दी, जुकाम का ही इलाज होता है। क्षेत्र से प्रसव के लिए पिथौरागढ़ की दौड़ लगानी पड़ती है। नेपाल सीमा से सटे कनालीछीना विकासखंड के गांवों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने बीएडीपी मद से 35 लाख की लागत से एंबुलेंस खरीदी थी। एंबुलेंस के अस्पताल आने के बाद एक दिन भी इसका संचालन नहीं हुआ।
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चार साल से गैराज में बंद पड़ी एंबुलेंस खराब होने की कगार पर पहुंच चुकी है। लोगों का कहना है कि जब एंबुलेंस का संचालन करना ही नहीं था तो सरकारी धन की बर्बादी क्यों की गई। एंबुलेंस का संचालन नहीं होने से स्थानीय लोगों में आक्रोश है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से एंबुलेंस को ठीक कर उसका संचालन करने की मांग की है। संवाद
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16 उप स्वास्थ्य केंद्र वार्ड ब्वाय के सहारे

कनालीछीना (पिथौरागढ़)। कनालीछीना प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत 16 उप स्वास्थ्य केंद्र आते हैं। ये सभी केंद्र वार्ड ब्वाय के भरोसे चल रहे हैं। लंबे समय से लोग इन स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों की नियुक्ति करने की मांग कर रहे हैं लेकिन आज तक लोगों की यह मांग पूरी नहीं हो सकी। संवाद

कोट
एंबुलेंस के उपकरण खराब हो चुके हैं जिन्हें ठीक करने के लिए प्रस्ताव बनाया जा रहा है। उप स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों की नियुक्ति के लिए लगातार पत्राचार किया जा रहा है। - डॉ. रविशंकर श्रीवास्तव, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, पीएसची कनालीछीना।
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