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अमर उजाला स्वास्थ्य अभियान : एहतियाती डोज की धीमी रफ्तार
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Amarujala Abhiyan Health in Pithauragarh
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पिथौरागढ़। जिले में एहतियाती डोज की रफ्तार बेहद धीमी है जबकि अन्य आयु वर्ग में विभाग निर्धारित टीकाकरण लक्ष्य के करीब पहुंचने में जुटा है। जिले में 70733 लोगों को एहतियाती डोज लगाई जानी है जबकि कुल 30078 लोगों को ही डोज लगाई गई है।
जिले में कोविड टीकाकरण के लिए हर युवा वर्ग में काफी उत्साह था। साइड इफेक्ट की खबरों के बीच उत्साह के साथ लोगों ने टीका लगाया। जागरूकता अभियानों की बदौलत लोगों ने टीकाकरण अभियान में सहयोग कर दूसरे लोगों को भी टीका लगाने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद टीका केंद्रों में भीड़ जुटने लगी थी। प्रशासन, स्वयंसेवी संस्थाएं, सामाजिक कार्यकर्ता, आशा, एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, स्वास्थ्य विभाग ने मिलकर टीकाकरण के लिए लोगों को नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक जागरूक किया।
टीकाकरण के लिए लोग काफी जागरूक हैं। वर्तमान में खराब मौसम के चलते कोविड की रफ्तार धीमी है। विभाग को शिविर लगाकर बच्चों और बुजुर्गों का टीकाकरण करना चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों से इसकी शुरुआत होनी चाहिए। - पीतांबर अवस्थी, सामाजिक कार्यकर्ता, लेखक।
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टीकाकरण अभियान के लिए विभाग को स्कूलों में जाकर 12 से 17 आयु वर्ग के बच्चों का टीकाकरण करना चाहिए। इससे स्कूली बच्चों को दोनों डोज जल्द लगाई जा सकेगी। इसकी शुरुआत नगर क्षेत्र से की जानी चाहिए। - बबीता पुनेठा, निदेशक, लक्ष्य फाउंडेशन।
जिले में टीकाकरण की प्रगति काफी अच्छी है। सिर्फ एहतियाती डोज के लिए लोग केंद्रों तक नहीं आ रहे हैं। 70733 को एहतियाती डोज लगाने का लक्ष्य है लेकिन मात्र 45 फीसदी को ही टीका लगाया गया है। - डॉ. एचएस ह्यांकी, सीएमओ, पिथौरागढ़।
चंपावत जिले में 60 प्रतिशत लोग लगा चुके एहतियाती डोज
चंपावत। जिले में तीन महीने में 68 प्रतिशत लोगों को एहतियाती डोज लग चुकी है। जिले में दस अप्रैल से कोविड एहतियाती डोज लगाने का काम शुरू किया गया है। इसके तहत स्वास्थ्य कर्मी 48 साल से अधिक उम्र के लोगों के घर-घर जाकर टीकाकरण कर रहे हैं। जिले में 40344 लोगों को कोविड एहतियाती डोज लगाने का लक्ष्य रखा गया था, इनमें से 23529 लोगों ने एहतियाती डोल लगा ली है। वैसे चंपावत जिले में 220755 लोगों में से 219239 लोग टीके की पहली और 202007 लोगों को दूसरी खुराक लगा चुके हैं।
जीवन रक्षक कोविड टीका सबके लिए जरूरी है। कोविड का टीकाकरण हर व्यक्ति के लिए जीवन रक्षा का काम करता है। दोनों टीके ही नहीं, एहतियाती डोज लगाना भी जरूरी है। बचाव का सबसे अच्छा उपाय यही है कि हर कोई दोनों टीके लगाने के बाद एहतियाती डोज जरूर लगाएं। - डॉ. इंद्रजीत पांडेय, प्रभारी सीएमओ, चंपावत।
टीकाकरण ही बचाव का सर्वोत्तम उपाय
कोविड से बचाव के लिए हर व्यक्ति को एहतियाती डोज लगाना जरूरी है। टीकाकरण का कोई दुष्प्रभाव नहीं है। इसे लेकर बिल्कुल भी घबराएं नहीं, बल्कि खुद भी लगाओ और दूसरों को भी प्रेरित करें। किसी तरह की शंका होने पर स्वास्थ्य विभाग से संपर्क करें। - डॉ. कुलदीप यादव, नोडल अधिकारी, चंपावत।
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जिले में कोविड टीकाकरण के लिए हर युवा वर्ग में काफी उत्साह था। साइड इफेक्ट की खबरों के बीच उत्साह के साथ लोगों ने टीका लगाया। जागरूकता अभियानों की बदौलत लोगों ने टीकाकरण अभियान में सहयोग कर दूसरे लोगों को भी टीका लगाने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद टीका केंद्रों में भीड़ जुटने लगी थी। प्रशासन, स्वयंसेवी संस्थाएं, सामाजिक कार्यकर्ता, आशा, एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, स्वास्थ्य विभाग ने मिलकर टीकाकरण के लिए लोगों को नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक जागरूक किया।
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टीकाकरण के लिए लोग काफी जागरूक हैं। वर्तमान में खराब मौसम के चलते कोविड की रफ्तार धीमी है। विभाग को शिविर लगाकर बच्चों और बुजुर्गों का टीकाकरण करना चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों से इसकी शुरुआत होनी चाहिए। - पीतांबर अवस्थी, सामाजिक कार्यकर्ता, लेखक।
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टीकाकरण अभियान के लिए विभाग को स्कूलों में जाकर 12 से 17 आयु वर्ग के बच्चों का टीकाकरण करना चाहिए। इससे स्कूली बच्चों को दोनों डोज जल्द लगाई जा सकेगी। इसकी शुरुआत नगर क्षेत्र से की जानी चाहिए। - बबीता पुनेठा, निदेशक, लक्ष्य फाउंडेशन।
जिले में टीकाकरण की प्रगति काफी अच्छी है। सिर्फ एहतियाती डोज के लिए लोग केंद्रों तक नहीं आ रहे हैं। 70733 को एहतियाती डोज लगाने का लक्ष्य है लेकिन मात्र 45 फीसदी को ही टीका लगाया गया है। - डॉ. एचएस ह्यांकी, सीएमओ, पिथौरागढ़।
चंपावत जिले में 60 प्रतिशत लोग लगा चुके एहतियाती डोज
चंपावत। जिले में तीन महीने में 68 प्रतिशत लोगों को एहतियाती डोज लग चुकी है। जिले में दस अप्रैल से कोविड एहतियाती डोज लगाने का काम शुरू किया गया है। इसके तहत स्वास्थ्य कर्मी 48 साल से अधिक उम्र के लोगों के घर-घर जाकर टीकाकरण कर रहे हैं। जिले में 40344 लोगों को कोविड एहतियाती डोज लगाने का लक्ष्य रखा गया था, इनमें से 23529 लोगों ने एहतियाती डोल लगा ली है। वैसे चंपावत जिले में 220755 लोगों में से 219239 लोग टीके की पहली और 202007 लोगों को दूसरी खुराक लगा चुके हैं।
जीवन रक्षक कोविड टीका सबके लिए जरूरी है। कोविड का टीकाकरण हर व्यक्ति के लिए जीवन रक्षा का काम करता है। दोनों टीके ही नहीं, एहतियाती डोज लगाना भी जरूरी है। बचाव का सबसे अच्छा उपाय यही है कि हर कोई दोनों टीके लगाने के बाद एहतियाती डोज जरूर लगाएं। - डॉ. इंद्रजीत पांडेय, प्रभारी सीएमओ, चंपावत।
टीकाकरण ही बचाव का सर्वोत्तम उपाय
कोविड से बचाव के लिए हर व्यक्ति को एहतियाती डोज लगाना जरूरी है। टीकाकरण का कोई दुष्प्रभाव नहीं है। इसे लेकर बिल्कुल भी घबराएं नहीं, बल्कि खुद भी लगाओ और दूसरों को भी प्रेरित करें। किसी तरह की शंका होने पर स्वास्थ्य विभाग से संपर्क करें। - डॉ. कुलदीप यादव, नोडल अधिकारी, चंपावत।