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एलोपैथिक अस्पताल को दांतों का डॉक्टर मिला
ब्यूरो/अमर उजाला, गणाईगंगोली
Updated Mon, 23 Apr 2018 10:41 PM IST
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बनकोट का एलोपैथिक अस्पताल
- फोटो : अमर उजाला
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बनकोट के एलोपैथिक अस्पताल में सरकार और स्वास्थ्य विभाग 10 साल तक डॉक्टर नहीं दे पाया। 10 साल बाद एक बार मात्र डेढ़ साल और एक बार केवल एक साल के लिए डॉक्टर तैनात किया, उसके बाद लंबे अंतराल तक अस्पताल को डॉक्टर नहीं मिला। एक महीने पहले अस्पताल को चिकित्सक मिला है, वह भी दांतों का। दांतों का डॉक्टर ही अस्पताल को संचालित कर रहा है। इसके अलावा एक फार्मेसिस्ट की व्यवस्था के तहत सप्ताह में दो दिन अस्पताल में ड्यूटी लगाई गई है।
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बनकोट क्षेत्र की 15000 आबादी की स्वास्थ्य देखभाल के लिए वर्ष 1972 में सरकार ने एलोपैथिक अस्पताल खोला। अस्पताल खोलने के बाद लंबे समय तक अस्पताल को डॉक्टर की तैनाती नहीं की गई। वर्ष 1982 में एक चिकित्सक की तैनाती की गई, वह मात्र डेढ़ साल अस्पताल में रहा। वर्ष 1987 में एक साल के लिए आयुर्वेदिक चिकित्सक को अस्पताल में तैनाती मिली। पिछले महीने मार्च में एक डेंटिस्ट अस्पताल में तैनात किया है।
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यही चिकित्सक अन्य मरीजों को भी देख रहा है। अस्पताल की अव्यवस्थाओं का आलम यह है कि यहां कोई मरीज जाना तक नहीं चाहता। महिलाओं को डिलीवरी के लिए 12 किमी दूर गणाई, 40 किमी दूर बेड़ीनाग, 52 किमी गंगोलीहाट और 92 किमी दूर अल्मोड़ा ले जाना पड़ता है। 108 एंबुलेंस भी बेड़ीनाग से आती है, जिसे आने में दो घंटे का समय लग जाता है।
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सोमवार सुबह 10.5 बजे अमर उजाला की टीम ने अस्पताल का जायजा लिया। अस्पताल में दांतों के डॉक्टर अर्विंदन चिकित्सक कक्ष में अकेले बैठे थे। पूछने पर उन्होंने बताया कि अस्पताल में दिन में दो-तीन मरीज आते हैं। अस्पताल में बुखार, दर्द से अलावा कोई दवा नहीं मिलती।
पदों के सापेक्ष तैनाती नहीं
अस्पताल में फिजीशियन, महिला चिकित्सक के साथ ही प्रभारी चिकित्साधिकारी का पद सृजित है, लेकिन अस्पताल में केवल दंत चिकित्सक तैनात है। दो फार्मेसिस्ट के स्थान पर एक भी तैनात नहीं है। ओड्यूड़ा के अस्पताल से एक फार्मेसिस्ट की सप्ताह में दो दिन बनकोट के अस्पताल में ड्यूटी लगाई गई है। वार्डब्वाय के दोनों पद खाली हैं। दो स्वच्छकों में से एक तैनात है।
बनकोट के अस्पताल में जल्द एक और चिकित्सक की नियुक्ति होगी, इसके लिए शासन से बात हो गई है। अस्पताल में पर्याप्त दवाएं भिजवाई जाएंगी। - मीना गंगोला, विधायक, गंगोलीहाट