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Pithoragarh News: गर्बाधार में दरकी चट्टान ने रोकी तीसरे दल की राह
Sat, 13 May 2023 12:30 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sat, 13 May 2023 12:30 AM IST
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पिथौरागढ़/धारचूला। धारचूला के गर्बाधार में सड़क चौड़ीकरण के दौरान फिर से चट्टान दरक गई है। इससे आदि कैलाश की यात्रा पर निकले तीसरे दल के यात्रियों को धारचूला में ही रोकना पड़ा। वहीं चीन सीमा से लगे गांवों में प्रवास पर जाने वाले ग्रामीणों में भी सड़क बंद होने से परेशान हैं। उन्होंने सड़क शीघ्र खोलने की मांग की है।
धारचूला-लिपुलेख सड़क बृहस्पतिवार रात से ही बंद है। यहां बीआरओ सड़क चौड़ीकरण का कार्य कर रही है। जिलाधिकारी ने आदि कैलाश यात्रा को देखते हुए सड़क सुचारु रखने के निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद चट्टानों को काटने के लिए लगातार विस्फोट किए जा रहे हैं जिससे सड़क बार-बार बंद हो रही है।
बताया जाता है कि गर्बाधार में 30 से 40 मीटर क्षेत्र में सड़क पूरी तरह से बंद हो गई है। यहां भारी मलबा और बोल्डर गिरे हैं। इससे व्यास घाटी के सात गांवों के ग्रामीणों को प्रवास पर जाने में दिक्कत हो सकती है। शुक्रवार को आदि कैलाश यात्रा के तीसरे दल के सात यात्रियों को धारचूला से गुंजी पहुंचना था।
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पर्यटक आवास गृह के प्रबंधक धन सिंह बिष्ट ने बताया कि सुबह यात्री आ गए थे। इसी बीच गर्बाधार में सड़क बंद होने से उन्हें मायूस हो अपने कमरों में लौटना पड़ा। गर्बाधार में पैदल चलने लायक तक रास्ता नहीं बचा है। दोनों और दर्जनों वाहन फंसे हैं। वहीं दूसरे दल के 12 यात्री शुक्रवार को धारचूला से चौकोड़ी के लिए रवाना हो गए है। यात्री रात्रि विश्राम कर शनिवार को भीमताल जाएंगे।
आदि कैलाश जाने वाले करीब 50 यात्री लौटे
पिथौरागढ़। आदि कैलाश जाने वाले निजी टूर ऑपरेटर के करीब 50 यात्री भी कुटी-ज्योलिंकांग के बीच रास्ते पर ग्लेशियर आने से लौट आए हैं। यह यात्री पिछले कई दिनों से उच्च हिमालयी क्षेत्र में सड़क खुलने का इंतजार कर रहे थे। अब भी करीब सौ से अधिक यात्री ऊपरी क्षेत्रों में बताए जा रहे हैं जो सड़क खुलने का इंतजार कर रहे हैं। संवाद
नेपाल के रास्ते से करना पड़ सकता है आवागमन
धारचूला (पिथौरागढ़)। गर्बाधार में सड़क बंद होने से उच्च हिमालयी क्षेत्र के गांवों में प्रवास पर जाने वालों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। सड़क के फिलहाल एक-दो दिन तक खुलने के आसार नहीं है। यदि सड़क जल्द नहीं खोली गई तो व्यास घाटी के गांवों को जाने वाले ग्रामीणों को पहले नेपाल जाकर वहां से दो किमी की दूरी पैदल तय कर फिर से भारत में आना होगा। बता दें कि इस समय घाटी के लोग माइग्रेशन पर अपने मूल गांवों में जाते हैं।
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धारचूला-लिपुलेख सड़क बृहस्पतिवार रात से ही बंद है। यहां बीआरओ सड़क चौड़ीकरण का कार्य कर रही है। जिलाधिकारी ने आदि कैलाश यात्रा को देखते हुए सड़क सुचारु रखने के निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद चट्टानों को काटने के लिए लगातार विस्फोट किए जा रहे हैं जिससे सड़क बार-बार बंद हो रही है।
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बताया जाता है कि गर्बाधार में 30 से 40 मीटर क्षेत्र में सड़क पूरी तरह से बंद हो गई है। यहां भारी मलबा और बोल्डर गिरे हैं। इससे व्यास घाटी के सात गांवों के ग्रामीणों को प्रवास पर जाने में दिक्कत हो सकती है। शुक्रवार को आदि कैलाश यात्रा के तीसरे दल के सात यात्रियों को धारचूला से गुंजी पहुंचना था।
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पर्यटक आवास गृह के प्रबंधक धन सिंह बिष्ट ने बताया कि सुबह यात्री आ गए थे। इसी बीच गर्बाधार में सड़क बंद होने से उन्हें मायूस हो अपने कमरों में लौटना पड़ा। गर्बाधार में पैदल चलने लायक तक रास्ता नहीं बचा है। दोनों और दर्जनों वाहन फंसे हैं। वहीं दूसरे दल के 12 यात्री शुक्रवार को धारचूला से चौकोड़ी के लिए रवाना हो गए है। यात्री रात्रि विश्राम कर शनिवार को भीमताल जाएंगे।
आदि कैलाश जाने वाले करीब 50 यात्री लौटे
पिथौरागढ़। आदि कैलाश जाने वाले निजी टूर ऑपरेटर के करीब 50 यात्री भी कुटी-ज्योलिंकांग के बीच रास्ते पर ग्लेशियर आने से लौट आए हैं। यह यात्री पिछले कई दिनों से उच्च हिमालयी क्षेत्र में सड़क खुलने का इंतजार कर रहे थे। अब भी करीब सौ से अधिक यात्री ऊपरी क्षेत्रों में बताए जा रहे हैं जो सड़क खुलने का इंतजार कर रहे हैं। संवाद
नेपाल के रास्ते से करना पड़ सकता है आवागमन
धारचूला (पिथौरागढ़)। गर्बाधार में सड़क बंद होने से उच्च हिमालयी क्षेत्र के गांवों में प्रवास पर जाने वालों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। सड़क के फिलहाल एक-दो दिन तक खुलने के आसार नहीं है। यदि सड़क जल्द नहीं खोली गई तो व्यास घाटी के गांवों को जाने वाले ग्रामीणों को पहले नेपाल जाकर वहां से दो किमी की दूरी पैदल तय कर फिर से भारत में आना होगा। बता दें कि इस समय घाटी के लोग माइग्रेशन पर अपने मूल गांवों में जाते हैं।