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Adi Kailash: पंच कैलाशों में दूसरा प्रमुख धाम है "आदि कैलाश", शिव-पार्वती के इस धाम का 1990 में हुआ था सर्वे

Wed, 11 Oct 2023 04:29 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, पिथौरागढ़
अमर उजाला नेटवर्क, पिथौरागढ़ Published by: हीरा मेहरा Updated Wed, 11 Oct 2023 04:29 PM IST
सार

पंच कैलाशों में आदि कैलाश का दूसरा प्रमुख धाम है। पहले स्थान पर तिब्बत स्थित कैलाश पर्वत है। वर्ष 1990 में पूर्व आईएएस सुरेंद्र सिंह पांगती, पर्यटन विशेषज्ञ डीके शर्मा और पर्वतारोही चंद्रप्रभा एतवाल ने इस क्षेत्र का सर्वेक्षण किया था। 

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Adi Kailash is the second major place among Panch Kailash
आदि कैलाश - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमालयी क्षेत्र में स्थित पंच कैलाशों में आदि कैलाश का दूसरा प्रमुख धाम है। पहले स्थान पर तिब्बत स्थित कैलाश पर्वत है। तीसरे स्थान पर शिखर कैलाश, चौथे पर किन्नौर कैलाश और पांचवें स्थान पर मणिमहेश हैं। ये तीनों हिमाचल प्रदेश में हैं।
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प्रसिद्ध इतिहासकार डॉ. अजय रावत बताते हैं कि व्यास घाटी स्थित आदि कैलाश ऐसे अविचलित भाव से खड़ा है मानों कि पहरेदार हो। कई कठिनाइयां होते हुए भी लोग जीवन में एक बार अवश्य इसके दर्शन करना चाहता है। स्कंद पुराण में इसे शिव-पार्वती का धाम कहा गया है।
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स्थानीय लोगों के अनुसार व्यास घाटी में ऋषि वेद व्यास न तपस्या की थी। 1962 में चीनी आक्रमण से पहले आदि कैलाश तपस्या की थी। 1962 में चीनी आक्रमण से पहले आदि कैलाश तीर्थयात्रा स्थल था लेकिन उसके बाद यह विस्मृत हो गया।

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यह भी जानें

  • केएमवीएन ने 1994 से शुरू की आदि कैलाश की यात्रा
  • 69 यात्रियों ने तब तीन दलों में की थी यात्रा
  • 1998 में मालपा हादसे के दौरान एक दल यात्रा पर गया। इसमें 18 यात्री थे।
  • 2020-21 में कोरानाकाल में यात्रा बंद रही।
  • 2022 में 33 दलों के 873 लोगों ने यात्रा की।
  • केएमवीएन की ओर से अब तक कुल 230 दलों के 5021 यात्री यात्रा कर चुके।


शिव-पार्वती के इस धाम का 1990 में हुआ था सर्वे
वर्ष 1990 में पूर्व आईएएस सुरेंद्र सिंह पांगती, पर्यटन विशेषज्ञ डीके शर्मा और पर्वतारोही चंद्रप्रभा एतवाल ने इस क्षेत्र का सर्वेक्षण किया था। वह बताते हैं कि पार्वती ताल से आदि कैलाश का दृश्य अतुलनीय दिखाई देता है। यहां पहुंचने पर यात्रियों को थकान महसूस नहीं होती है।

 

गुजरात कैलाशी दल के संयोजक कमलेश पटेल का कहना है कि उन्होंने आठ बार कैलाश मानसरोवर और दो बार आदि कैलाश के दर्शन किए हैं। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे से क्षेत्र को आध्यात्मिक पर्यटन के क्षेत्र में विशेष पहचान मिलेगी।


 

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