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Pithoragarh News: नदी किनारे बस्ती फिर भी प्यासे लोग
Sat, 13 Jun 2026 10:53 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sat, 13 Jun 2026 10:53 PM IST
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ल में खाली बर्तनों के साथ प्रदर्शन कर पेयजल आपूर्ति सुचारू करने की मांग करते क्षेत्र के लोग। स्
थल (पिथौरागढ़)। मुख्य बाजार से सिर्फ 20 मीटर नीचे रामगंगा नदी बह रही है फिर से भी क्षेत्र के लोग पानी के लिए तरस रहे हैं। नलों में जलापूर्ति ठप होने से क्षेत्र के लोगों ने खाली बर्तनों के साथ प्रदर्शन किया। उन्होंने जल्द जलापूर्ति सुचारु न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।
बाजार सहित आसपास के क्षेत्र के लोगों ने खाली बर्तनों के साथ प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि नैना देवी पेयजल योजना से क्षेत्र में पिछले चार दिनों से आपूर्ति ठप है। वे पीने के लिए धारे से पानी ढो रहे हैं। जलापूर्ति ठप होने से कपड़े, बर्तन धोने सहित अन्य दैनिक कार्यों के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है। क्षेत्रवासियों ने कहा कि हमारे घरों के कुछ मीटर नीचे रामगंगा नदी बह रही है इसके बाद भी वे पानी के लिए तरस रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि नैना देवी योजना को रामगंगा के किनारे बने टैंक से जोड़ा गया तो उनकी परेशानी खत्म हो जाएगी। चेतावनी देते हुए कहा कि जल्द पेयजल आपूर्ति सुचारु नहीं हुई तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। प्रदर्शन करने वालों में प्रमोद उपाध्याय, सुरेश जोशी, धीरज कार्की, लीला चुफाल, महेश चुफाल, मनोज कार्की, सुंदर महरा आदि शामिल रहे। संवाद
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कोट-गर्मी में स्रोत में पानी कम हो जाता है। वहीं कुछ लोग पेयजल लाइन तोड़कर खेतों में पानी डाल रहे हैं।फिर भी प्रतिदिन दो तीन घंटे पानी चालू किया जा रहा है। नैनादेवी के मुख्य जल स्रोत से पानी के लिए यदि गांव वाले एनओसी दें तो समस्या का स्थायी समाधान हो सकता है। जलापूर्ति ठप होने की सूचना भी नहीं दी गई। - प्रतीक चन्याल, जेई, जल संस्था, थल
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बाजार सहित आसपास के क्षेत्र के लोगों ने खाली बर्तनों के साथ प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि नैना देवी पेयजल योजना से क्षेत्र में पिछले चार दिनों से आपूर्ति ठप है। वे पीने के लिए धारे से पानी ढो रहे हैं। जलापूर्ति ठप होने से कपड़े, बर्तन धोने सहित अन्य दैनिक कार्यों के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है। क्षेत्रवासियों ने कहा कि हमारे घरों के कुछ मीटर नीचे रामगंगा नदी बह रही है इसके बाद भी वे पानी के लिए तरस रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि नैना देवी योजना को रामगंगा के किनारे बने टैंक से जोड़ा गया तो उनकी परेशानी खत्म हो जाएगी। चेतावनी देते हुए कहा कि जल्द पेयजल आपूर्ति सुचारु नहीं हुई तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। प्रदर्शन करने वालों में प्रमोद उपाध्याय, सुरेश जोशी, धीरज कार्की, लीला चुफाल, महेश चुफाल, मनोज कार्की, सुंदर महरा आदि शामिल रहे। संवाद
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कोट-गर्मी में स्रोत में पानी कम हो जाता है। वहीं कुछ लोग पेयजल लाइन तोड़कर खेतों में पानी डाल रहे हैं।फिर भी प्रतिदिन दो तीन घंटे पानी चालू किया जा रहा है। नैनादेवी के मुख्य जल स्रोत से पानी के लिए यदि गांव वाले एनओसी दें तो समस्या का स्थायी समाधान हो सकता है। जलापूर्ति ठप होने की सूचना भी नहीं दी गई। - प्रतीक चन्याल, जेई, जल संस्था, थल
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