{"_id":"66196d42b2a0ef563b09e6dd","slug":"a-proposal-will-be-sent-to-the-chief-secretary-for-shifting-of-the-army-pithoragarh-news-c-230-1-shld1025-112243-2024-04-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pithoragarh News: .सेना की शिफ्टिंग के लिए मुख्य सचिव को भेजा जाएगा प्रस्ताव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pithoragarh News: .सेना की शिफ्टिंग के लिए मुख्य सचिव को भेजा जाएगा प्रस्ताव
Fri, 12 Apr 2024 10:50 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Fri, 12 Apr 2024 10:50 PM IST
विज्ञापन
पिथौरागढ़ में अधिकारियों के साथ बैठक करती डीएम रीना जोशी। संवाद
पिथौरागढ़। मुनस्यारी के बलाती फार्म से भारतीय सेना को शिफ्ट किए जाने की मांग पर डीएम रीना जोशी ने मुख्य सचिव को एक प्रस्ताव बनाकर भेजने पर सहमति व्यक्त की है। खलियाटॉप और बलाती फार्म में विभिन्न विभागों के नए निर्माण पर मामले का समाधान होने तक रोक रहेगी।
मुनस्यारी के 25 ग्राम पंचायतों ने बलाती फॉर्म से भारतीय सेना को शिफ्ट करने, बलाती फार्म और खलियाटॉप क्षेत्र में मानव हस्तक्षेप को कम किए जाने की मांग को लेकर चुनाव बहिष्कार की घोषणा की थी। जिला प्रशासन ने समझौते के लिए शुक्रवार को डीएम रीना जोशी की अध्यक्षता में बैठक बुलाई। बैठक में जिला पंचायत सदस्य जगत मर्तोलिया की ओर से रखे गए प्रस्ताव पर डीएम ने उद्यान विभाग की ओर से भारतीय सेना को दी गई भूमि के हस्तांतरण को रद्द करने की मांग पर मुख्य सचिव को प्रस्ताव भेजने पर सहमति प्रदान की। बलाती फॉर्म और खलियाटॉप क्षेत्र में कुमाऊं मंडल विकास निगम, वन विभाग, जिला क्रीड़ा विभाग, भारतीय सेना के अधिकारियों को आदेश दिया कि अभी तक इन क्षेत्रों में बने अपने स्ट्रक्चर की फोटो तथा इसके लिए उपयोग किए गए क्षेत्रफल का सर्वे कराकर माप जिलाधिकारी कार्यालय में जमा करेंगे। जब तक इस मामले का समाधान नहीं हो जाता तब तक कोई भी इस क्षेत्र में नया निर्माण नहीं करेगा। डीएम ने जिला भू-गर्भ अधिकारी को बलाती फॉर्म तथा खलिया टॉप क्षेत्र का भू-गर्भीय सर्वेक्षण करने और जल संस्थान व जल निगम की एक टीम बनाकर इस क्षेत्र से निकलने वाले पेयजल तथा अन्य जल का सैंपल लेकर प्रयोगशाला से इसकी जांच कराने के निर्देश दिए। बैठक में जोहार सांस्कृतिक संगठन के अध्यक्ष भूपाल सिंह बरफाल, मुख्य सलाहकार भूपाल सिंह लस्पाल सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
जैव विविधता को हुए नुकसान का होगा आकलन
पिथौरागढ़। खलियाटॉप और बलाती फॉर्म क्षेत्र में 50 वर्षों के भीतर जैव विविधता को हुए नुकसान का आंकलन कराया जाएगा। नुकसान का आंकलन गोविंद बल्लभ पंत पर्यावरण संस्थान अल्मोड़ा, फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट देहरादून, वाडिया रिसर्च इंस्टीट्यूट देहरादून के साथ ही गैर सरकारी संगठन के एक इंस्टीट्यूट से कराया जाएगा। डीएम ने जिला पर्यटन अधिकारी को अल्पाइन हिमालय क्षेत्र में जाने वाले पर्यटकों के लिए एक गाइडलाइन बनाने के निर्देश दिए। गाइड लाइन बनाने में वन विभाग से भी मदद ली जाएगी। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
मुनस्यारी के 25 ग्राम पंचायतों ने बलाती फॉर्म से भारतीय सेना को शिफ्ट करने, बलाती फार्म और खलियाटॉप क्षेत्र में मानव हस्तक्षेप को कम किए जाने की मांग को लेकर चुनाव बहिष्कार की घोषणा की थी। जिला प्रशासन ने समझौते के लिए शुक्रवार को डीएम रीना जोशी की अध्यक्षता में बैठक बुलाई। बैठक में जिला पंचायत सदस्य जगत मर्तोलिया की ओर से रखे गए प्रस्ताव पर डीएम ने उद्यान विभाग की ओर से भारतीय सेना को दी गई भूमि के हस्तांतरण को रद्द करने की मांग पर मुख्य सचिव को प्रस्ताव भेजने पर सहमति प्रदान की। बलाती फॉर्म और खलियाटॉप क्षेत्र में कुमाऊं मंडल विकास निगम, वन विभाग, जिला क्रीड़ा विभाग, भारतीय सेना के अधिकारियों को आदेश दिया कि अभी तक इन क्षेत्रों में बने अपने स्ट्रक्चर की फोटो तथा इसके लिए उपयोग किए गए क्षेत्रफल का सर्वे कराकर माप जिलाधिकारी कार्यालय में जमा करेंगे। जब तक इस मामले का समाधान नहीं हो जाता तब तक कोई भी इस क्षेत्र में नया निर्माण नहीं करेगा। डीएम ने जिला भू-गर्भ अधिकारी को बलाती फॉर्म तथा खलिया टॉप क्षेत्र का भू-गर्भीय सर्वेक्षण करने और जल संस्थान व जल निगम की एक टीम बनाकर इस क्षेत्र से निकलने वाले पेयजल तथा अन्य जल का सैंपल लेकर प्रयोगशाला से इसकी जांच कराने के निर्देश दिए। बैठक में जोहार सांस्कृतिक संगठन के अध्यक्ष भूपाल सिंह बरफाल, मुख्य सलाहकार भूपाल सिंह लस्पाल सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
जैव विविधता को हुए नुकसान का होगा आकलन
पिथौरागढ़। खलियाटॉप और बलाती फॉर्म क्षेत्र में 50 वर्षों के भीतर जैव विविधता को हुए नुकसान का आंकलन कराया जाएगा। नुकसान का आंकलन गोविंद बल्लभ पंत पर्यावरण संस्थान अल्मोड़ा, फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट देहरादून, वाडिया रिसर्च इंस्टीट्यूट देहरादून के साथ ही गैर सरकारी संगठन के एक इंस्टीट्यूट से कराया जाएगा। डीएम ने जिला पर्यटन अधिकारी को अल्पाइन हिमालय क्षेत्र में जाने वाले पर्यटकों के लिए एक गाइडलाइन बनाने के निर्देश दिए। गाइड लाइन बनाने में वन विभाग से भी मदद ली जाएगी। संवाद
विज्ञापन