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छह माह में बनी छह किमी सड़क
Pithoragarh
Updated Sat, 14 Dec 2013 05:48 AM IST
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धारचूला (पिथौरागढ़)। तवाघाट से छिरकिला तक छह किलोमीटर सड़क का निर्माण करने में सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) को पूरे छह माह लग गए। शुक्रवार को पूरे छह माह बाद छिरकिला तक रोड खुल गई है लेकिन छिरकिला से दर तक 18 किलोमीटर सड़क कब खुलेगी यह कहना मुश्किल है। यदि बीआरओ इसी गति से काम करता रहा तो दर तक गाड़ी पहुंचने में डेढ़ वर्ष लग जाएंगे।
जून में आपदा के समय तवाघाट से दर तक जाने वाली 24 किलोमीटर लंबी सड़क तबाह हो गई थी। श्मशान घाट, नारायणपुर, कोकलखेत, छिरकिला में सड़क का अस्तित्व ही समाप्त हो गया था। कई स्थानों पर सड़क 50 मीटर तक गायब हो गई। बीआरओ ने सड़क की मरम्मत का काम तत्काल शुरू कर दिया था लेकिन छह महीने में उसे छिरकिला तक छह किलोमीटर सड़क खोल पाने में सफलता मिली है। बीआरओ के क्षेत्रीय प्रभारी तपस मोहंती ने बताया कि आगे का काम अब तेजी से किया जाएगा। इधर, स्थानीय लोगों का कहना है कि बीआरओ ने सिर्फ सड़क खोलने का काम किया। सड़क में सुरक्षा मानकों का ध्यान नहीं दिया है। इससे किसी भी समय दुर्घटना हो सकती है। सामाजिक कार्यकर्ता नारायण दरियाल, रुकम बिष्ट ने कहा है कि सड़क सुधारीकरण के समय गुणवत्ता का भी ध्यान दिया जाए।
18 किमी पैदल सफर की मजबूरी
धारचूला। छिरकिला से दर तक 18 किलोमीटर सड़क अभी बंद है। इस कारण सोबला, तेजम, बौंगलिंग, सुआ, दर गांवों तक पहुंचने में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोग अभी भी 18 किलोमीटर का पैदल सफर कर रहे हैं। सड़क खुलने तक लोगों के सामने यही समस्या रहेगी।
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जून में आपदा के समय तवाघाट से दर तक जाने वाली 24 किलोमीटर लंबी सड़क तबाह हो गई थी। श्मशान घाट, नारायणपुर, कोकलखेत, छिरकिला में सड़क का अस्तित्व ही समाप्त हो गया था। कई स्थानों पर सड़क 50 मीटर तक गायब हो गई। बीआरओ ने सड़क की मरम्मत का काम तत्काल शुरू कर दिया था लेकिन छह महीने में उसे छिरकिला तक छह किलोमीटर सड़क खोल पाने में सफलता मिली है। बीआरओ के क्षेत्रीय प्रभारी तपस मोहंती ने बताया कि आगे का काम अब तेजी से किया जाएगा। इधर, स्थानीय लोगों का कहना है कि बीआरओ ने सिर्फ सड़क खोलने का काम किया। सड़क में सुरक्षा मानकों का ध्यान नहीं दिया है। इससे किसी भी समय दुर्घटना हो सकती है। सामाजिक कार्यकर्ता नारायण दरियाल, रुकम बिष्ट ने कहा है कि सड़क सुधारीकरण के समय गुणवत्ता का भी ध्यान दिया जाए।
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18 किमी पैदल सफर की मजबूरी
धारचूला। छिरकिला से दर तक 18 किलोमीटर सड़क अभी बंद है। इस कारण सोबला, तेजम, बौंगलिंग, सुआ, दर गांवों तक पहुंचने में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोग अभी भी 18 किलोमीटर का पैदल सफर कर रहे हैं। सड़क खुलने तक लोगों के सामने यही समस्या रहेगी।
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