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इस वर्ष रक्षाबंधन से पहले होगा सातूं-आठूं पर्व
Updated Sun, 05 Aug 2018 10:48 PM IST
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पिथौरागढ़। इस वर्ष जेठ में अधिमास होने के कारण सातूं-आठूं पर्व, रक्षाबंधन एवं श्रावणी उपाकर्म की तिथियों में परिवर्तन होगा। पंडितों के अनुसार सामान्य वर्षों में रक्षाबंधन के बाद ही सातूं-आठूं पर्व मनाया जाता था, लेकिन इस साल सातूं-आठूं का पर्व रक्षाबंधन से पहले होगा।
पंडित आनंद बल्लभ जोशी ने मार्तंड पंचांग, तारा पंचांग और रामदत्त पंचांग में दी गई व्यवस्था के आधार पर बताया कि अगस्त उदय के बाद सातूं-आठूं का पर्व नहीं मनाया जाता है। उन्होंने लोगों से किसी संशय के बजाय 15 अगस्त को बिरुड़ा पंचमी, 17 अगस्त को सातूं और 18 अगस्त को आठूं मनाने को कहा है। इसी दिन महिलाएं सौभाग्य धागा पहनेंगी।
पंडित जोशी के अनुसार 26 अगस्त को रक्षाबंधन होगा। उस दिन श्रावणी उपाकर्म में नया जनेऊ धारण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अधिमास के कारण ऐसी स्थितियां पहले भी आ चुकी हैं। वर्ष 1985 और 2004 में ऐसी स्थितियां आई थी। निर्णय के अनुसार ही उसका हल निकाला गया था। उन्होंने लोगों से किसी तरह की दुविधा में रहने के बजाय पंचांगों में दिए गए पर्वों के अनुसार ही मनाने को कहा है।
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पंडित आनंद बल्लभ जोशी ने मार्तंड पंचांग, तारा पंचांग और रामदत्त पंचांग में दी गई व्यवस्था के आधार पर बताया कि अगस्त उदय के बाद सातूं-आठूं का पर्व नहीं मनाया जाता है। उन्होंने लोगों से किसी संशय के बजाय 15 अगस्त को बिरुड़ा पंचमी, 17 अगस्त को सातूं और 18 अगस्त को आठूं मनाने को कहा है। इसी दिन महिलाएं सौभाग्य धागा पहनेंगी।
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पंडित जोशी के अनुसार 26 अगस्त को रक्षाबंधन होगा। उस दिन श्रावणी उपाकर्म में नया जनेऊ धारण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अधिमास के कारण ऐसी स्थितियां पहले भी आ चुकी हैं। वर्ष 1985 और 2004 में ऐसी स्थितियां आई थी। निर्णय के अनुसार ही उसका हल निकाला गया था। उन्होंने लोगों से किसी तरह की दुविधा में रहने के बजाय पंचांगों में दिए गए पर्वों के अनुसार ही मनाने को कहा है।
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