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ओलों की मार से किसानों की कमर टूटी
Updated Tue, 17 Apr 2018 11:16 PM IST
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पिथौरागढ़। अप्रैल के प्रथम सप्ताह मेें बिगड़े मौसम से जिले में रबी की फसल के साथ ही औद्यानिकी को भी काफी नुकसान हुआ है। पहले से ही सूखा और कृषि ऋण की मार से जूझ रहे किसानों की कमर पिछले दिनों हुई ओलावृष्टि तोड़ चुकी है। खेतों में तैयार हो रही फसलों के साथ ही पेड़ों से बौर बर्बाद हो चुके हैं। जिले में ओलावृष्टि की सबसे ज्यादा मार बेड़ीनाग और डीडीहाट विकास खंडों पर पड़ी है। डीडीहाट में 40 तो बेड़ीनाग विकास खंड में फसल और फलों की खेती को 70 फीसदी तक नुकसान पहुंचा है।
असामान्य बारिश एवं ओलावृष्टि से रबी की फसल और औद्यानिकी पर असर को लेकर प्रशासन के प्रारंभिक सर्वे में नुकसान की यह तस्वीर सामने आई है। सर्वे के मुताबिक ओलों की मार से रबी की गेहूं, मसूर, सरसों आदि फसलों को नुकसान हुआ है, जबकि फल उत्पादन को भी ओलावृष्टि से झटका लगा है। जिले के बगीचों में नींबू प्रजाति, आडू, खुमानी, प्लम, लीची, आम, केला आदि फलों की बौर ओलों की मार से बर्बाद हुई है।
धारचूला को छोड़कर जिले के बाकी विण, मूनाकोट, कनालीछीना, डीडीहाट, बेड़ीनाग, मुनस्यारी, गंगोलीहाट विकास खंडों में गेहूं, मसूर, सरसों, सब्जी, आलू की फसल को नुकसान पहुंचा है। डीडीहाट विकास खंड में 84 ग्राम पंचायतों की फसल बर्बाद हुई है। बेड़ीनाग के 16, कनालीछीना और देवलथल के छह-छह, गंगोलीहाट के पांच ग्राम पंचायतों की फसल बर्बाद हुई हैं।
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जिले में औद्यानिकी को हुआ नुकसान (प्रतिशत में)
विकासखंड आलू सब्जी फल मसाला
विण 15 20 9 17
मूनाकोट 28 34 20 32
कनालीछीना 20 24 21 22
डीडीहाट 21 28 19 18
बेड़ीनाग 65 70 50 70
मुनस्यारी 20 22 0 25
गंगोलीहाट 60 65 40 35
----------
जिले में रबी की फसल को हुआ नुकसान
तहसील नुकसान
डीडीहाट 40
बेड़ीनाग 25
कनालीछीना 30
गंगोलीहाट 25
देवलथल 25
पिथौरागढ़ 35
-----------
जिले में ओलावृष्टि से फसलों और फलों की खेती को हुए नुकसान का प्रारंभिक सर्वे कराया गया है। इसमें नुकसान की तस्वीर सामने आई है। राजस्व विभाग से नुकसान का धरातलीय परीक्षण करने को कहा है। इसके बाद मानकों के मुताबिक किसानों को मुआवजा दिया जाएगा। नियमत: 30 प्रतिशत से ऊपर वालों को ही मुआवजा मिलेगा। -सी रविशंकर, डीएम, पिथौरागढ़
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असामान्य बारिश एवं ओलावृष्टि से रबी की फसल और औद्यानिकी पर असर को लेकर प्रशासन के प्रारंभिक सर्वे में नुकसान की यह तस्वीर सामने आई है। सर्वे के मुताबिक ओलों की मार से रबी की गेहूं, मसूर, सरसों आदि फसलों को नुकसान हुआ है, जबकि फल उत्पादन को भी ओलावृष्टि से झटका लगा है। जिले के बगीचों में नींबू प्रजाति, आडू, खुमानी, प्लम, लीची, आम, केला आदि फलों की बौर ओलों की मार से बर्बाद हुई है।
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धारचूला को छोड़कर जिले के बाकी विण, मूनाकोट, कनालीछीना, डीडीहाट, बेड़ीनाग, मुनस्यारी, गंगोलीहाट विकास खंडों में गेहूं, मसूर, सरसों, सब्जी, आलू की फसल को नुकसान पहुंचा है। डीडीहाट विकास खंड में 84 ग्राम पंचायतों की फसल बर्बाद हुई है। बेड़ीनाग के 16, कनालीछीना और देवलथल के छह-छह, गंगोलीहाट के पांच ग्राम पंचायतों की फसल बर्बाद हुई हैं।
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जिले में औद्यानिकी को हुआ नुकसान (प्रतिशत में)
विकासखंड आलू सब्जी फल मसाला
विण 15 20 9 17
मूनाकोट 28 34 20 32
कनालीछीना 20 24 21 22
डीडीहाट 21 28 19 18
बेड़ीनाग 65 70 50 70
मुनस्यारी 20 22 0 25
गंगोलीहाट 60 65 40 35
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जिले में रबी की फसल को हुआ नुकसान
तहसील नुकसान
डीडीहाट 40
बेड़ीनाग 25
कनालीछीना 30
गंगोलीहाट 25
देवलथल 25
पिथौरागढ़ 35
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जिले में ओलावृष्टि से फसलों और फलों की खेती को हुए नुकसान का प्रारंभिक सर्वे कराया गया है। इसमें नुकसान की तस्वीर सामने आई है। राजस्व विभाग से नुकसान का धरातलीय परीक्षण करने को कहा है। इसके बाद मानकों के मुताबिक किसानों को मुआवजा दिया जाएगा। नियमत: 30 प्रतिशत से ऊपर वालों को ही मुआवजा मिलेगा। -सी रविशंकर, डीएम, पिथौरागढ़