{"_id":"5a1068154f1c1ba7668b4d91","slug":"91511024661-pithoragarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"परिवर्तन संगठन ने बचाई बछिया की जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
परिवर्तन संगठन ने बचाई बछिया की जान
Updated Sat, 18 Nov 2017 10:34 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिथौरागढ़। समाजसेवा के काम में जुटे बलुवाकोट के परिवर्तन संगठन की मुहिम एक बार फिर रंग लाई है। संगठन की पहल पर खाई में गिरी एक बछिया को बचाने में सफलता मिली है।
रविवार सुबह वरिष्ठ व्यापारी गोपाल दत्त भट्ट ने परिवर्तन संगठन के लोगों को बलुवाकोट में गाय के दो बछड़ों के सड़क से 50 मीटर नीचे खाई में गिरने की सूचना दी। संगठन के साथ ही अन्य लोग मौके पर पहुंचे। तब तक एक बछड़े की मौत हो चुकी थी, जबकि बछिया गंभीर रूप से घायल थी। यह लोग बछिया को एक घंटे मशक्कत के बाद लकड़ी का स्ट्रेचर बनाकर पशु अस्पताल तक लाए।
पशु अस्पताल में फार्मेसिस्ट त्रिलोकमणि भट्ट ने बछिया का इलाज किया। बछिया के पीछे के दोनों पैरों पर गंभीर चोट थी। इलाज के बाद बछिया चलने लगी। बछिया बाजार में लावारिस छोड़ी गई है। बछिया को बचाने में परिवर्तन संगठन के रोहित बिष्ट, फौजी दिनेश रावत, लकी थापा आदि शामिल थे। संगठन के लोग इससे पहले भी एक बछिया की जान बचा चुके हैं। हाल ही में गंभीर रूप से बीमार एक नेपाली नागरिक को धारचूला अस्पताल पहुंचाकर जान बचाई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
रविवार सुबह वरिष्ठ व्यापारी गोपाल दत्त भट्ट ने परिवर्तन संगठन के लोगों को बलुवाकोट में गाय के दो बछड़ों के सड़क से 50 मीटर नीचे खाई में गिरने की सूचना दी। संगठन के साथ ही अन्य लोग मौके पर पहुंचे। तब तक एक बछड़े की मौत हो चुकी थी, जबकि बछिया गंभीर रूप से घायल थी। यह लोग बछिया को एक घंटे मशक्कत के बाद लकड़ी का स्ट्रेचर बनाकर पशु अस्पताल तक लाए।
विज्ञापन
पशु अस्पताल में फार्मेसिस्ट त्रिलोकमणि भट्ट ने बछिया का इलाज किया। बछिया के पीछे के दोनों पैरों पर गंभीर चोट थी। इलाज के बाद बछिया चलने लगी। बछिया बाजार में लावारिस छोड़ी गई है। बछिया को बचाने में परिवर्तन संगठन के रोहित बिष्ट, फौजी दिनेश रावत, लकी थापा आदि शामिल थे। संगठन के लोग इससे पहले भी एक बछिया की जान बचा चुके हैं। हाल ही में गंभीर रूप से बीमार एक नेपाली नागरिक को धारचूला अस्पताल पहुंचाकर जान बचाई थी।
विज्ञापन