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अवध में कह मुख ले जाऊं...
Updated Sun, 22 Oct 2017 10:31 PM IST
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अस्कोट (पिथौरागढ़)। अस्कोट की रामलीला में राम के वन गमन के बाद पुत्र वियोग में राजा दशरथ ने प्राण त्याग दिए। राम, सीता, लक्ष्मण को वन छोड़ने के बाद मंत्री सुमंत के विलाप से माहौल गमगीन हो गया।
वन गमन को गए राम, लक्ष्मण, सीता सरयू तट पर पहुंचते हैं। मंत्री सुमंत भगवान राम से अयोध्या लौटने का आग्रह करते हैं। भगवान राम पिता के वचन का हवाला देते हुए अयोध्या लौटने से मना कर देते हैं। इसके बाद केवट भगवान राम, सीता, लक्ष्मण को सरयू पार कराते हैं। अयोध्या लौटते समय मंत्री सुमंत गमगीन होकर गाते हैं-अवध में कह मुख ले जाऊं, कहूं क्या पूछे जब राजा, राम, लखन वन को गए, मैं लौटा घर आय, प्राण अभी निकले नहीं कीजो कौन उपाय।
मंत्री सुमंत अयोध्या लौटकर राजा दशरथ से कहते हैं-नाथ भानु कुल भानु सुनो प्रभु कहूं मैं शीश नवाए, तमसा वास कियो रघुनंदन, सुरसरि तीर नहाए। केवट से तब नाव मंगाई, बैठे प्रभु हर्षाई। राम, लक्ष्मण, सीता के वन से न लौटने का समाचार पाकर राजा दशरथ व्याकुल हो उठते हैं और राम-राम कहते हुए प्राण त्याग देते हैं।
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राम का अभिनय गौरव पाल, लक्ष्मण अनुराग कुंवर, सीता दीपक बसेड़ा, सुमंत होशियार सिंह पाल, केवट का अभिनय हरीश पाल ने किया। इससे पहले मुख्य अतिथि अस्कोट के ग्राम प्रधान त्रिलोक राम ने दीप जलाकर रामलीला की शुरुआत कराई।
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वन गमन को गए राम, लक्ष्मण, सीता सरयू तट पर पहुंचते हैं। मंत्री सुमंत भगवान राम से अयोध्या लौटने का आग्रह करते हैं। भगवान राम पिता के वचन का हवाला देते हुए अयोध्या लौटने से मना कर देते हैं। इसके बाद केवट भगवान राम, सीता, लक्ष्मण को सरयू पार कराते हैं। अयोध्या लौटते समय मंत्री सुमंत गमगीन होकर गाते हैं-अवध में कह मुख ले जाऊं, कहूं क्या पूछे जब राजा, राम, लखन वन को गए, मैं लौटा घर आय, प्राण अभी निकले नहीं कीजो कौन उपाय।
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मंत्री सुमंत अयोध्या लौटकर राजा दशरथ से कहते हैं-नाथ भानु कुल भानु सुनो प्रभु कहूं मैं शीश नवाए, तमसा वास कियो रघुनंदन, सुरसरि तीर नहाए। केवट से तब नाव मंगाई, बैठे प्रभु हर्षाई। राम, लक्ष्मण, सीता के वन से न लौटने का समाचार पाकर राजा दशरथ व्याकुल हो उठते हैं और राम-राम कहते हुए प्राण त्याग देते हैं।
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राम का अभिनय गौरव पाल, लक्ष्मण अनुराग कुंवर, सीता दीपक बसेड़ा, सुमंत होशियार सिंह पाल, केवट का अभिनय हरीश पाल ने किया। इससे पहले मुख्य अतिथि अस्कोट के ग्राम प्रधान त्रिलोक राम ने दीप जलाकर रामलीला की शुरुआत कराई।