Exclusive News एक्सक्लूसिव खबरें
Free E-Paper फ्री में ई-पेपर पढ़ें
ऐप डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   जन की उपेक्षा सरकारी सुविधाओं में इजाफा

जन की उपेक्षा सरकारी सुविधाओं में इजाफा

Fri, 09 Nov 2018 10:45 PM IST
Updated Fri, 09 Nov 2018 10:45 PM IST
विज्ञापन
जन की उपेक्षा सरकारी सुविधाओं में इजाफा
पिथौरागढ़। लचर स्वास्थ्य सेवाओं के चलते प्रसव वेदना से जूझ रही बेड़ीनाग विकास खंड के कांडे किरोली के धंतोली गांव निवासी सीता देवी (21) की मौत हो गई। सीमांत क्षेत्र में कई गांव ऐसे हैं, जो अब भी मूलभूत सुविधाओं से जूझ रहे हैं। राज्य बनने के बाद सरकारी सुविधाओं में तो खासा इजाफा हुआ, लेकिन जनता अब भी सुविधाओं को तरस रही है।
विज्ञापन


राज्य बनने के बाद पहले मुख्यमंत्री नित्यानंद स्वामी वर्ष 2001 में मुनस्यारी भ्रमण पर आए। उनका हेलीकॉप्टर तय समय से करीब चार घंटे विलंब से पहुंचा। उनकी यात्रा को कवर करने गए वरिष्ठ पत्रकार बीडी कसनियाल ने उनसे विलंब का कारण पूछा तो उन्होंने बताया कि हेलीकॉप्टर यूपी से उधार लिया है। वहां के मंत्री को पहुंचाने के बाद हेलीकॉप्टर देहरादून आया। आज राज्य में सरकार के पास हवाई बेड़ा पर्याप्त है, लेकिन आम आदमी की सुविधाएं हर साल कम होती जा रही हैं। दूरदराज के क्षेत्रों में लचर स्वास्थ्य सेवाओं के चलते गर्भवती महिलाओं की मौत हो रही है।
विज्ञापन


अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी बनी है। सीमांत में आपदा आती है तो महीनों तक क्षतिग्रस्त सड़क ही ठीक नहीं हो पाती है। इस वर्ष जून की आपदा के बाद से अब तक मुनस्यारी, मदकोट के दर्जनों गांव पानी के लिए तरस रहे हैं। सीमांत के 14 गांवों के 149 परिवार आपदा की दृष्टि से अत्यधिक संवेदनशील हैं। इन गांवों के पुनर्वास की अब तक कोई ठोस योजना नहीं बनाई गई। दूरदराज के कई गांव अब भी सड़क की बाट जोह रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


बेड़ीनाग के पातालभुवनेश्वर, सिमायल, चौड़मन्या के लोग सड़क की मांग को लेकर पिछले सौ दिनों से क्रमिक अनशन पर बैठे हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। अब लोग कहने लगे हैं कि राज्य की वह कौन सी वर्षगांठ होगी जब सरकार यह घोषणा करेगी कि गांवों में पानी, सड़क है, अस्पतालों में चिकित्सक और स्कूलों में शिक्षक हैं। वर्तमान में स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप विकास की गति को बढ़ाने की दरकार है।

राज्य बनने के बाद सरकार और प्रशासनिक अमले की सुविधाओं में लगातार इजाफा हुआ है। आज जनता की सुविधाएं उसी गति से न्यूनतम हुई हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में विकास की गति कम हो गई है। -बीडी कसनियाल, वरिष्ठ पत्रकार।


इन 18 वर्षों में राज्य में अफसरों, नेताओं की फौज बढ़ी है। विकास, रोजगार का सपना अधूरा है। आधारभूत सुविधाओं में प्रगति नहीं हुई है। सत्ता में बैठे नेताओं के जेहन में उत्तराखंड के विकास की कोई परिकल्पना नहीं है। -काशी सिंह ऐरी, उक्रांद नेता।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed