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किमखोला में वन्य जीवों से ग्रामीण परेशान
Updated Fri, 27 Jul 2018 11:24 PM IST
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पिथौरागढ़। धारचूला विकास खंड के किमखोला, बलधार में ग्रामीण वन्य जीवों से परेशान हैं। उन्होंने वन विभाग से वन्य जीवों के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है।
जौलजीबी से करीब तीन किमी आगे किमखोला, बलधार में वन राजि और अन्य ग्रामीण रहते हैं। गांव की आबादी करीब पांच सौ है। अधिकतर ग्रामीण खेतीबाड़ी करते हैं। क्षेत्र में मक्का बहुतायत में होता है। इसी से ग्रामीणों की आजीविका जुड़ी है। गांव तक जंगल होने से बंदर, लंगूर, सुअर आदि वन्य जीवों ने खेती को तहस-नहस कर दिया है। तेंदुए के डर से महिलाएं पशुओं के लिए जंगल से चारा भी नहीं ला पा रही हैं।
दिनदहाड़े तेंदुआ गांव में घुस रहा है। क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता विक्रम सिंह ने बताया कि सेना से सेवानिवृत्त होने पर उन्होंने गांव में खेतीबाड़ी शुरू की थी, लेकिन वन्य जीवों के आतंक के चलते खेतीबाड़ी नहीं हो पा रही है। उनके साथ कई लोगों ने भी खेती करना छोड़ दिया है। उन्होंने वन विभाग से वन्य जीवों के आतंक से निजात दिलाने की मांग उठाई है।
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जौलजीबी से करीब तीन किमी आगे किमखोला, बलधार में वन राजि और अन्य ग्रामीण रहते हैं। गांव की आबादी करीब पांच सौ है। अधिकतर ग्रामीण खेतीबाड़ी करते हैं। क्षेत्र में मक्का बहुतायत में होता है। इसी से ग्रामीणों की आजीविका जुड़ी है। गांव तक जंगल होने से बंदर, लंगूर, सुअर आदि वन्य जीवों ने खेती को तहस-नहस कर दिया है। तेंदुए के डर से महिलाएं पशुओं के लिए जंगल से चारा भी नहीं ला पा रही हैं।
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दिनदहाड़े तेंदुआ गांव में घुस रहा है। क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता विक्रम सिंह ने बताया कि सेना से सेवानिवृत्त होने पर उन्होंने गांव में खेतीबाड़ी शुरू की थी, लेकिन वन्य जीवों के आतंक के चलते खेतीबाड़ी नहीं हो पा रही है। उनके साथ कई लोगों ने भी खेती करना छोड़ दिया है। उन्होंने वन विभाग से वन्य जीवों के आतंक से निजात दिलाने की मांग उठाई है।
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