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पंचेश्वर बांध की जनसुनवाई दोबारा की जाए
Updated Mon, 04 Dec 2017 10:13 PM IST
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पिथौरागढ़। उत्तराखंड क्रांति दल ने पंचेश्वर बांध के लिए अगस्त में हुई जनसुनवाई को खारिज कर दिया है और दोबारा जनसुनवाई कराने की मांग की है। साथ ही कहा है कि नए सिरे से जनसुनवाई कराने से पहले वन अधिकार अधिनियम 2006 के प्रावधान सभी गांवों में लागू किए जाएं, ताकि लोग जंगलों के डूबने की स्थिति में मुआवजा प्राप्त करने का हक हासिल कर सकें।
उक्रांद नेताओं ने सोमवार को बांध के विरोध में डीएम को ज्ञापन भी सौंपा और केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को भी इसकी प्रति भेजी। कहा गया कि गांवों में जाकर राजस्व उपनिरीक्षक जमीन और जंगलों का अनापत्ति प्रमाणपत्र देने के लिए ग्रामीणों पर दबाव बना रहे हैं।
उक्रांद नेता काशी सिंह ऐरी ने कहा कि उनका दल हमेशा बड़े बांधों का विरोधी रहा है। ऐरी ने कहा कि डूब क्षेत्र के लोगों में भारी भय और आशंका का माहौल है। ज्ञापन देने वालों में उक्रांद जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर पुनेड़ा, वरिष्ठ नेता चंद्रशेखर कापड़ी, सुमित महर, सुशील पांडे, दलीप सिंह धामी, गणेश उप्रेती, हरीश सिंह बोरा समेत अन्य लोग शामिल थे।
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उक्रांद नेताओं ने सोमवार को बांध के विरोध में डीएम को ज्ञापन भी सौंपा और केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को भी इसकी प्रति भेजी। कहा गया कि गांवों में जाकर राजस्व उपनिरीक्षक जमीन और जंगलों का अनापत्ति प्रमाणपत्र देने के लिए ग्रामीणों पर दबाव बना रहे हैं।
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उक्रांद नेता काशी सिंह ऐरी ने कहा कि उनका दल हमेशा बड़े बांधों का विरोधी रहा है। ऐरी ने कहा कि डूब क्षेत्र के लोगों में भारी भय और आशंका का माहौल है। ज्ञापन देने वालों में उक्रांद जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर पुनेड़ा, वरिष्ठ नेता चंद्रशेखर कापड़ी, सुमित महर, सुशील पांडे, दलीप सिंह धामी, गणेश उप्रेती, हरीश सिंह बोरा समेत अन्य लोग शामिल थे।
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