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पिथौरागढ़ में चल रही 362 मेगावाट क्षमता की बिजली परियोजनाओं की कवायद
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पिथौरागढ़। जल विद्युत परियोजनाओं के अपार संभावना वाले पिथौरागढ़ जिले में 362 मेगावाट की पांच बिजली परियोजनाओं की कवायद चल रही है। इनमें से 5 मेगावाट की सुरिंगगाड़ (मुनस्यारी) बिजली परियोजना निर्माण का काम अंतिम चरण में है। सुरिंगगाड़ परियोजना से इसी साल के अंत बिजली उत्पादन होने लगेगा। इन सभी परियोजनाओं का निर्माण का जिम्मा उत्तराखंड जल विद्युत निगम (यूजेवीएन) को सौंपा गया है।
मुनस्यारी की गोरी गंगा में 120 मेगावाट की सरकारी व्योल-रुपसियाबगड़ परियोजना स्वीकृत है। इस परियोजना का ररवेरी नामक स्थान में हेड और रुपसियाबगड़ में पावर का निर्माण हो रहा है। 1320 मीटर की टनल बन रही है। टनल की ड्रिलिंग का काम पूरा हो गया है। यूजेवीएन से मिली जानकारी के अनुसार इस परियोजना में 40-40 मेगावाट की तीन टरबाइन बननी हैं। परियोजना की ड्राफ्टिंग का काम चल रहा है। विस्तृत डीपीआर बनाई जा रही है।
इस परियोजना की टेस्टिंग का काम 2004 से चल रहा था।
धारचूला की धौलीगंगा में 210 मेगावाट की उर्थिंग परियोजना स्वीकृत है। गोरी गंगा में सेराघाट के पास 15 मेगावाट की बिजली परियोजना स्वीकृत है। इसकी डीपीआर तैयार की जा रही है। तांकुल के सिमखोला गाड़ में 12 मेगावाट की परियोजना स्वीकृत है। इस परियोजना में वन भूमि का निस्तारण होना है। इन परियोजनाओं के निर्माण की कवायद जोरशोर से चल रही है।
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मुनस्यारी की गोरी गंगा में 120 मेगावाट की सरकारी व्योल-रुपसियाबगड़ परियोजना स्वीकृत है। इस परियोजना का ररवेरी नामक स्थान में हेड और रुपसियाबगड़ में पावर का निर्माण हो रहा है। 1320 मीटर की टनल बन रही है। टनल की ड्रिलिंग का काम पूरा हो गया है। यूजेवीएन से मिली जानकारी के अनुसार इस परियोजना में 40-40 मेगावाट की तीन टरबाइन बननी हैं। परियोजना की ड्राफ्टिंग का काम चल रहा है। विस्तृत डीपीआर बनाई जा रही है।
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इस परियोजना की टेस्टिंग का काम 2004 से चल रहा था।
धारचूला की धौलीगंगा में 210 मेगावाट की उर्थिंग परियोजना स्वीकृत है। गोरी गंगा में सेराघाट के पास 15 मेगावाट की बिजली परियोजना स्वीकृत है। इसकी डीपीआर तैयार की जा रही है। तांकुल के सिमखोला गाड़ में 12 मेगावाट की परियोजना स्वीकृत है। इस परियोजना में वन भूमि का निस्तारण होना है। इन परियोजनाओं के निर्माण की कवायद जोरशोर से चल रही है।
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