{"_id":"5c1fbad3bdec22571875b64b","slug":"71545583315-pithoragarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक्ट में संशोधन नहीं होने पर बंद होंगे निजी अस्पताल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक्ट में संशोधन नहीं होने पर बंद होंगे निजी अस्पताल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिथौरागढ़। उत्तराखंड सरकार की ओर से क्लीनिकल स्टेब्लिसमेंट एक्ट में संशोधन नहीं करने से नाराज इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की जिला इकाई ने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। 24 दिसंबर तक सरकार एक्ट की जगह दूसरा कानून नहीं लाती है तो 25 दिसंबर से नगर के अस्पताल बंद कर दिए जाएंगे।
सरकार ने वर्ष 2014 में एक्ट लागू किया था। तीन माह पहले राज्य के सभी अस्पतालों के आंदोलन के बाद मुख्यमंत्री ने एक सप्ताह में नया एक्ट लाने की बात कही थी। सरकार ने फिर से हल्द्वानी और नैनीताल के अस्पतालों को तीन सप्ताह का अल्टीमेटम दिया है। इसके विरोध में पिथौरागढ़ के निजी क्लीनिकों के डॉक्टरों ने 24 दिसंबर तक एक्ट में संशोधन न करने पर 25 दिसंबर से अपने क्लीनिक बंद करने का निर्णय लिया है।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के जिला सचिव डॉ. जेसी गड़कोटी ने बताया इस एक्ट के कठोर नियमों के कारण सभी निजी अस्पताल बंद हो जाएंगे। राज्य में कारपोरेट या कुछ सरकारी अस्पताल ही बचेंगे। गरीब जनता को महंगे अथवा झोलाछापों से इलाज कराना होगा। आईएमए ने सरकार से कई बार हरियाणा सरकार की तरह 50 बेड से कम के अस्पतालों को इस कानून की परिधि से बाहर रखने की मांग की है।
विज्ञापन
यहां हुई बैठक में नगर के निजी क्लीनिक और अस्पतालों के डॉक्टरों ने एक्ट में संशोधन न करने पर 25 दिसंबर से अस्पतालों को बंद करने का निर्णय लिया हैं। बैठक में संगठन के अध्यक्ष डॉ. त्रिभुवन प्रसाद, उपाध्यक्ष डॉ. एसबी भट्ट, संरक्षक डॉ. आरके खर्कवाल आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
सरकार ने वर्ष 2014 में एक्ट लागू किया था। तीन माह पहले राज्य के सभी अस्पतालों के आंदोलन के बाद मुख्यमंत्री ने एक सप्ताह में नया एक्ट लाने की बात कही थी। सरकार ने फिर से हल्द्वानी और नैनीताल के अस्पतालों को तीन सप्ताह का अल्टीमेटम दिया है। इसके विरोध में पिथौरागढ़ के निजी क्लीनिकों के डॉक्टरों ने 24 दिसंबर तक एक्ट में संशोधन न करने पर 25 दिसंबर से अपने क्लीनिक बंद करने का निर्णय लिया है।
विज्ञापन
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के जिला सचिव डॉ. जेसी गड़कोटी ने बताया इस एक्ट के कठोर नियमों के कारण सभी निजी अस्पताल बंद हो जाएंगे। राज्य में कारपोरेट या कुछ सरकारी अस्पताल ही बचेंगे। गरीब जनता को महंगे अथवा झोलाछापों से इलाज कराना होगा। आईएमए ने सरकार से कई बार हरियाणा सरकार की तरह 50 बेड से कम के अस्पतालों को इस कानून की परिधि से बाहर रखने की मांग की है।
विज्ञापन
यहां हुई बैठक में नगर के निजी क्लीनिक और अस्पतालों के डॉक्टरों ने एक्ट में संशोधन न करने पर 25 दिसंबर से अस्पतालों को बंद करने का निर्णय लिया हैं। बैठक में संगठन के अध्यक्ष डॉ. त्रिभुवन प्रसाद, उपाध्यक्ष डॉ. एसबी भट्ट, संरक्षक डॉ. आरके खर्कवाल आदि मौजूद थे।