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आयुश विंग के चिकित्सक के भरोसे चल रहा मदकोट अस्पताल
Updated Thu, 28 Jun 2018 10:48 PM IST
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मदकोट (पिथौरागढ़)। पहाड़ की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था का अंदाजा मदकोट के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से लगाया जा सकता है। अस्पताल में 10 डॉक्टरों के विपरीत मात्र एक चिकित्सक की तैनाती है। उसे भी मुनस्यारी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अटैच कर रखा है। संविदा पर तैनात आयुष विंग के चिकित्सक के भरोसे अस्पताल संचालित हो रहा है।
अमर उजाला की टीम बृहस्पतिवार सुबह 11.30 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची। अस्पताल में आयुष विंग के चिकित्सक राजेंद्र सिंह मर्तोलिया अपनी कुर्सी पर बैठे हुए थे। फार्मेसिस्ट भी अस्पताल में थे। अस्पताल में कई भी मरीज नहीं था। चिकित्सक मर्तोलिया ने बताया कि सुबह से सात मरीज अस्पताल में आए थे, उनका परीक्षण किया गया, वह घरों को चले गए। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक दिन में मात्र 6-7 मरीजों का पहुंचा अव्यवस्था के कारण लोगों का भरोसा उठना ही माना जा रहा है। अस्पताल में 24 अप्रैल को एक डॉक्टर को तैनात किया था। 6 मई को मुनस्यारी अस्पताल अटैच कर दिया गया।
मदकोट महिला मंगल दल की अध्यक्ष रेखा उप्रेती, बाजार महिला मंगल दल की अध्यक्ष गंगोत्री रावत, हीरा देवी, सीता देवी, मालती धामी कहती हैं कि 2015 में अस्पताल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा मिला, लेकिन व्यवस्थाओं में कोई परिवर्तन नहीं आया। अस्पताल के नाम पर लोगों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। एक डॉक्टर की तैनाती हुई, उसे भी अन्य अस्पताल में अटैच कर दिया।
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अस्पताल में रिक्त पद
अस्पताल में सर्जन, हड्डी रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ, नेत्र चिकित्सक, ईएनटी सर्जन, महिला चिकित्सक, रेडियोलॉजिस्ट, डेंटल सर्जन, मेडिकल आफीसर, फिजीशियन का पद रिक्त है। फार्मेसिस्ट के दो पदों में से एक पर ही तैनाती है। आयुष विंग के दो फार्मेसिस्टों में से दोनों रिक्त हैं। स्टाफ नर्स के चारों पद रिक्त हैं। वार्ड ब्वाय, स्वच्छक और चौकीदार की तैनाती नहीं हुई है। वार्ड आया अस्पताल में तैनात है।
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अमर उजाला की टीम बृहस्पतिवार सुबह 11.30 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची। अस्पताल में आयुष विंग के चिकित्सक राजेंद्र सिंह मर्तोलिया अपनी कुर्सी पर बैठे हुए थे। फार्मेसिस्ट भी अस्पताल में थे। अस्पताल में कई भी मरीज नहीं था। चिकित्सक मर्तोलिया ने बताया कि सुबह से सात मरीज अस्पताल में आए थे, उनका परीक्षण किया गया, वह घरों को चले गए। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक दिन में मात्र 6-7 मरीजों का पहुंचा अव्यवस्था के कारण लोगों का भरोसा उठना ही माना जा रहा है। अस्पताल में 24 अप्रैल को एक डॉक्टर को तैनात किया था। 6 मई को मुनस्यारी अस्पताल अटैच कर दिया गया।
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मदकोट महिला मंगल दल की अध्यक्ष रेखा उप्रेती, बाजार महिला मंगल दल की अध्यक्ष गंगोत्री रावत, हीरा देवी, सीता देवी, मालती धामी कहती हैं कि 2015 में अस्पताल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा मिला, लेकिन व्यवस्थाओं में कोई परिवर्तन नहीं आया। अस्पताल के नाम पर लोगों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। एक डॉक्टर की तैनाती हुई, उसे भी अन्य अस्पताल में अटैच कर दिया।
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अस्पताल में रिक्त पद
अस्पताल में सर्जन, हड्डी रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ, नेत्र चिकित्सक, ईएनटी सर्जन, महिला चिकित्सक, रेडियोलॉजिस्ट, डेंटल सर्जन, मेडिकल आफीसर, फिजीशियन का पद रिक्त है। फार्मेसिस्ट के दो पदों में से एक पर ही तैनाती है। आयुष विंग के दो फार्मेसिस्टों में से दोनों रिक्त हैं। स्टाफ नर्स के चारों पद रिक्त हैं। वार्ड ब्वाय, स्वच्छक और चौकीदार की तैनाती नहीं हुई है। वार्ड आया अस्पताल में तैनात है।