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मालपा, मांगती आपदा को हल्के में लिया गया
Updated Mon, 04 Sep 2017 11:07 PM IST
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पिथौरागढ़। धारचूला के कांग्रेस विधायक हरीश धामी ने सरकार पर मालपा, मांगती आपदा को हल्के में लेने का आरोप लगाया है। उन्होंने घटना के 24 दिन बाद भी मुख्यमंत्री, मंत्रियों द्वारा आपदा प्रभावितों की सुध न लेने पर नाराजगी जताई है। अमर उजाला से बातचीत में धामी ने कहा कि 14 अगस्त को बादल फटने से मालपा, मांगती तबाह हो गया। मुख्यमंत्री घटना के दिन जिला मुख्यालय तक आए। मौसम की खराबी को उनके आपदा प्रभावित क्षेत्र में न जाने का कारण बताया गया। तब सीएम ने जल्द ही आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने की बात कही थी लेकिन इतना समय बीतने के बाद भी वह आपदा पीड़ितों की सुध लेने के लिए नहीं आए। विधायक ने कहा कि प्रदेश सरकार के एक मंत्री धारचूला तक आए, उन्होंने भी आपदाग्रस्त क्षेत्र में जाने की जहमत नहीं उठाई। हादसे के दिन जिले के प्रभारी मंत्री सुबोध उनियाल जिला मुख्यालय में थे, उसके अगले दिन भी मंत्री पिथौरागढ़ में ही थे, लेकिन आपदा प्रभावित क्षेत्र में आने की जरूरत नहीं समझी। हादसे के कारणों की जांच के लिए तक कोई टीम मौके पर नहीं भेजी गई। विधायक ने कहा वर्ष 1998 के बाद मालपा एक बार फिर तबाह हुआ है। मालपा को फिर से कैसे सुरक्षित तरीके से बसाया जाए, क्षेत्र में लगातार हो रहे भूस्खलन से कैसे चीन और नेपाल की सीमा में रहने वाले लोगों को बचाया जाए, इस पर आवश्यक कदम उठाने चाहिए। धामी ने कहा आपदा प्रभावितों के हितों की आवाज वह सड़क से सदन तक उठाएंगे।
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