{"_id":"5ca393abbdec2214222a8bdc","slug":"61554224043-pithoragarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"देश को विश्व पटल पर चमकाएगा परिधावी संवत्सर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
देश को विश्व पटल पर चमकाएगा परिधावी संवत्सर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिथौरागढ़। हिंदू नव संवत्सर 2076 छह अप्रैल से शुरू हो रहा है। इस बार संवत्सर का नाम परिधावी (अत्यधिक तेजी) है और ज्योतिषियों के मुताबिक इस वर्ष राजा का पद शनि के पास है और इस वजह से देश के लिए यह वर्ष सामाजिक न्याय का वर्ष है। उत्तराखंड के उत्तरी क्षेत्र में दैवीय आपदाओं का प्रभाव रहेगा।
पंडित दामोदर भट्ट के मुताबिक राजा शनि के पास जल, उद्यान, फल और रक्षा मंत्रालय है। प्रधानमंत्री सूर्य के पास सूखे फल, मंगल के पास वित्त विभाग, गुरु बृहस्पति के पास रस, दूध-दही और चंद्रमा के पास फसलों का प्रभार है। इस वर्ष क्रूर ग्रह अधिक भागीदारी निभाएंगे। नीति-कानून बनाने में सख्ती होगी।
रक्षा मंत्रालय राजा के पास होने से आंतरिक और वाह्य सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त रहेगी। आतंकी घुसपैठ, सीमाओं में विवाद की स्थिति रहेगी। वार्षिक लग्न कर्क के हिसाब से उत्तराखंड के उत्तरी क्षेत्र में दैवीय आपदाओं का प्रभाव रहेगा। कर्क राशि का स्वामी चंद्रमा अमृत वर्षा का कारक माना गया है, जबकि सूर्य साथ होने से ताप रहेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
पंडित दामोदर भट्ट के मुताबिक राजा शनि के पास जल, उद्यान, फल और रक्षा मंत्रालय है। प्रधानमंत्री सूर्य के पास सूखे फल, मंगल के पास वित्त विभाग, गुरु बृहस्पति के पास रस, दूध-दही और चंद्रमा के पास फसलों का प्रभार है। इस वर्ष क्रूर ग्रह अधिक भागीदारी निभाएंगे। नीति-कानून बनाने में सख्ती होगी।
विज्ञापन
रक्षा मंत्रालय राजा के पास होने से आंतरिक और वाह्य सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त रहेगी। आतंकी घुसपैठ, सीमाओं में विवाद की स्थिति रहेगी। वार्षिक लग्न कर्क के हिसाब से उत्तराखंड के उत्तरी क्षेत्र में दैवीय आपदाओं का प्रभाव रहेगा। कर्क राशि का स्वामी चंद्रमा अमृत वर्षा का कारक माना गया है, जबकि सूर्य साथ होने से ताप रहेगा।
विज्ञापन