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बारमो स्कूल में शिक्षकों की कमी
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झूलाघाट (पिथौरागढ़)। राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बारमो में शिक्षक नहीं होने से ग्रामीणों में रोष पनप रहा है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि शीघ्र विद्यालय में शिक्षकों की तैनाती नहीं की गई तो वह आंदोलन करने को विवश होंगे।
शिक्षक अभिभावक संघ के अध्यक्ष और पूर्व सैनिक पूरन सिंह बिष्ट ने बताया कि चार सितंबर 2011 को विद्यालय का उद्घाटन हुआ। उस समय 40 बच्चे अध्ययनरत थे। शिक्षकों की कमी के चलते अब महज 28 बच्चे ही रह गए हैं। विद्यालय में बारमो, हीराखान, डुंगरी, डूंडी, तुलसिट्टा, खेतीगाड़ आदि जगह से गरीब घर के बच्चे पढ़ने आते हैं।
शिक्षकों की कमी के चलते बच्चों की पढ़ाई के लिए लोग क्षेत्र से पलायन को विवश हो रहे हैं। बताया कि विद्यालय में महज दो ही शिक्षक हैं। प्रधानाचार्य का पद भी रिक्त चल रहा है। ग्रामीणों को छह किमी खड़ी चढ़ाई पार करनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो ग्रामीण आंदोलन के लिए विवश होंगे।
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शिक्षक अभिभावक संघ के अध्यक्ष और पूर्व सैनिक पूरन सिंह बिष्ट ने बताया कि चार सितंबर 2011 को विद्यालय का उद्घाटन हुआ। उस समय 40 बच्चे अध्ययनरत थे। शिक्षकों की कमी के चलते अब महज 28 बच्चे ही रह गए हैं। विद्यालय में बारमो, हीराखान, डुंगरी, डूंडी, तुलसिट्टा, खेतीगाड़ आदि जगह से गरीब घर के बच्चे पढ़ने आते हैं।
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शिक्षकों की कमी के चलते बच्चों की पढ़ाई के लिए लोग क्षेत्र से पलायन को विवश हो रहे हैं। बताया कि विद्यालय में महज दो ही शिक्षक हैं। प्रधानाचार्य का पद भी रिक्त चल रहा है। ग्रामीणों को छह किमी खड़ी चढ़ाई पार करनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो ग्रामीण आंदोलन के लिए विवश होंगे।
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