फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   ब्लास्टिंग से हिली चट्टानें बनती हैं हादसों की वजह

ब्लास्टिंग से हिली चट्टानें बनती हैं हादसों की वजह

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Thu, 27 Dec 2018 10:40 PM IST
विज्ञापन
ब्लास्टिंग से हिली चट्टानें बनती हैं हादसों की वजह
धारचूला। पर्वतीय क्षेत्र में कठिन पहाड़ियों को काटकर सड़क बनाने में आए दिन मजदूरों की मौत होती है। इसके बावजूद मजदूरों की सुरक्षा को लेकर कोई एहतियात नहीं बरती जाती है। पिथौरागढ़ जिले में लगभग 15 वर्ष पहले सतगढ़ के पास ब्लास्टिंग के बाद चट्टान टूटने से आधा दर्जन मजदूरों की मौत हो गई थी, जबकि आधा दर्जन मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
विज्ञापन


वर्तमान में बड़ी-बड़ी मशीनों के अस्तित्व में आने के बाद भी पहाड़ के दूरस्थ क्षेत्रों में सड़कों के निर्माण के दौरान कठिन चट्टानों को काटने के लिए ब्लास्टिंग का प्रयोग किया जाता है। इसके बाद बोल्डरों को तोड़ने के लिए मजदूरों को मौके पर भेजा जाता है। इस दौरान ब्लास्टिंग से हिली चट्टानें भरभराकर गिर जाती हैं।
विज्ञापन


इसी तरह का हादसा बृहस्पतिवार को धारचूला के लखनपुर के पास भी हुआ। इस हादसे में एक महिला मजदूर सहित दो मजदूरों को अपनी जान गवांनी पड़ी। इस सड़क में तीन वर्ष पहले चट्टानें दरकने से एक इंजीनियर और दो मजदूरों की मौत हो गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed