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राष्ट्रीय चेतना एवं मानव मूल्य पर विचार विमर्श
Updated Sun, 07 Oct 2018 10:29 PM IST
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पिथौरागढ़। एलएसएम राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के बीएड विभाग में ‘वर्तमान परिप्रेक्ष्य में राष्ट्र भावना के विकास में हिंदी साहित्य एवं शिक्षा की भूमिका’ पर दो दिनी संगोष्ठी का शुभारंभ हुआ। इस दौरान वक्ताओं ने राष्ट्रीय चेतना एवं मानव मूल्यों पर विचार रखे।
केंद्रीय हिंदी संस्थान आगरा और यूपी भाषा संस्थान की ओर से आयोजित संगोष्ठी का मुख्य अतिथि कला संकाय लखनऊ के संकायाध्यक्ष प्रो. पवन अग्रवाल ने दीप जलाकर उद्घाटन किया। उन्होंने राष्ट्रीयता, राष्ट्रवाद पर चर्चा करते हुए राष्ट्र के भौगोलिक, एतिहासिक, सांस्कृतिक, दार्शनिक और साहित्यिक पक्षों को उजागर किया।
संगोष्ठी में देशभर के 70 विद्वान पहुंचे हैं। इस मौके पर प्रो. शिखा मिश्रा, प्रो. लता चौहान, हरिशंकर, एनसी ढौडियाल, एसके आर्या, डॉ. अरुण चतुर्वेदी, डॉ. धर्मेंद्र मौर्या आदि थे।
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केंद्रीय हिंदी संस्थान आगरा और यूपी भाषा संस्थान की ओर से आयोजित संगोष्ठी का मुख्य अतिथि कला संकाय लखनऊ के संकायाध्यक्ष प्रो. पवन अग्रवाल ने दीप जलाकर उद्घाटन किया। उन्होंने राष्ट्रीयता, राष्ट्रवाद पर चर्चा करते हुए राष्ट्र के भौगोलिक, एतिहासिक, सांस्कृतिक, दार्शनिक और साहित्यिक पक्षों को उजागर किया।
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संगोष्ठी में देशभर के 70 विद्वान पहुंचे हैं। इस मौके पर प्रो. शिखा मिश्रा, प्रो. लता चौहान, हरिशंकर, एनसी ढौडियाल, एसके आर्या, डॉ. अरुण चतुर्वेदी, डॉ. धर्मेंद्र मौर्या आदि थे।
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