{"_id":"5b9bf172867a557eac527ed6","slug":"61536946546-pithoragarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गुंजी से लौटे 15 वें दल के यात्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गुंजी से लौटे 15 वें दल के यात्री
Updated Fri, 14 Sep 2018 11:05 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिथौरागढ़। कैलाश मानसरोवर की परिक्रमा पूरी कर 15वें दल के यात्री पिथौरागढ़ लौटे। यहां केएमवीएन के कर्मियों ने यात्रियों का स्वागत किया। बाद में यात्री जागेश्वर को रवाना हो गए।
15 वें दल के यात्री शुक्रवार को वायुसेना के हेलीकॉप्टरों से गुंजी से पिथौरागढ़ लौटे। यात्री बाद में दिल्ली को रवाना हो गए। अल्मोड़ा के खोल्टा निवासी कामिनी कश्यप ने बताया कि वह पिछले लंबे समय से कैलाश की यात्रा कर रही है। इससे उन्हें आध्यात्मिक और मानसिक शांति मिलती है। वहीं, रानीखेत के दसभीड़ा की पेशे से शिक्षक दीपा तिवारी पहली बार यात्रा पर गई थीं। उन्होंने इसे भोलेनाथ का आशीर्वाद बताया।
उधर आईटीबीपी सातवीं वाहिनी मिर्थी से मिली जानकारी के अनुसार 16 वें दल के यात्री परिक्रमा पूरी कर शनिवार को कुग्गू से जोरावर सिंह श्राइन होते हुए तकलाकोट वापस लौटेंगे। यात्रा के अंतिम 17 और 18 वें दल के यात्री शनिवार सुबह तकलाकोट से दार्चिन को रवाना होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
15 वें दल के यात्री शुक्रवार को वायुसेना के हेलीकॉप्टरों से गुंजी से पिथौरागढ़ लौटे। यात्री बाद में दिल्ली को रवाना हो गए। अल्मोड़ा के खोल्टा निवासी कामिनी कश्यप ने बताया कि वह पिछले लंबे समय से कैलाश की यात्रा कर रही है। इससे उन्हें आध्यात्मिक और मानसिक शांति मिलती है। वहीं, रानीखेत के दसभीड़ा की पेशे से शिक्षक दीपा तिवारी पहली बार यात्रा पर गई थीं। उन्होंने इसे भोलेनाथ का आशीर्वाद बताया।
विज्ञापन
उधर आईटीबीपी सातवीं वाहिनी मिर्थी से मिली जानकारी के अनुसार 16 वें दल के यात्री परिक्रमा पूरी कर शनिवार को कुग्गू से जोरावर सिंह श्राइन होते हुए तकलाकोट वापस लौटेंगे। यात्रा के अंतिम 17 और 18 वें दल के यात्री शनिवार सुबह तकलाकोट से दार्चिन को रवाना होंगे।
विज्ञापन