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‘जब तक जिंदा हूं, बच्चों को पढ़ाऊंगा’
Updated Wed, 05 Sep 2018 11:06 PM IST
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पिथौरागढ़। सेवानिवृत्त शिक्षक डीडीहाट निवासी तारा दत्त गुरुरानी में 82 वर्ष की उम्र में भी पढ़ाने का जज्बा गजब का है। अब भी वह बच्चों को पढ़ाने में लगे हैं। उन्हें खाली बैठना अच्छा नहीं लगता है। कहते हैं जब तक जिंदा हूं, बच्चों को पढ़ाऊंगा।
शिक्षक तारा दत्त गुरुरानी वर्ष 1998 में शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त हुए। उन्होंने कुछ साथियों के साथ मिलकर डीडीहाट में शिखर इंटर कॉलेज की स्थापना की। वर्ष 2000 से उन्होंने स्कूल में बच्चों को पढ़ाना शुरू किया। गुरुरानी कहते हैं कि पहले डीडीहाट में एक ही इंटर कॉलेज था। बच्चों की संख्या भी काफी थी। बच्चे पढ़ने में काफी दिलचस्पी लेते थे, लेकिन वर्तमान में छात्रों में अनुशासन कम दिखाई देता हैं।
82 वर्षीय गुरुरानी आज भी पूरे उत्साह के साथ बच्चों को ज्ञान बांटने में लगे हैं। वर्ष 2009 के परीक्षा परिणाम में इस विद्यालय को प्रदेश में 10वां स्थान मिला। वर्ष 2013 के परीक्षा परिणाम में विद्यालय द्वितीय स्थान पर रहा। पुरस्कार के रूप में चार लाख मिले। इन रुपयों से कक्षों के साथ ही विज्ञान प्रयोगशाला तैयार की गई।
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शिक्षक तारा दत्त गुरुरानी वर्ष 1998 में शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त हुए। उन्होंने कुछ साथियों के साथ मिलकर डीडीहाट में शिखर इंटर कॉलेज की स्थापना की। वर्ष 2000 से उन्होंने स्कूल में बच्चों को पढ़ाना शुरू किया। गुरुरानी कहते हैं कि पहले डीडीहाट में एक ही इंटर कॉलेज था। बच्चों की संख्या भी काफी थी। बच्चे पढ़ने में काफी दिलचस्पी लेते थे, लेकिन वर्तमान में छात्रों में अनुशासन कम दिखाई देता हैं।
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82 वर्षीय गुरुरानी आज भी पूरे उत्साह के साथ बच्चों को ज्ञान बांटने में लगे हैं। वर्ष 2009 के परीक्षा परिणाम में इस विद्यालय को प्रदेश में 10वां स्थान मिला। वर्ष 2013 के परीक्षा परिणाम में विद्यालय द्वितीय स्थान पर रहा। पुरस्कार के रूप में चार लाख मिले। इन रुपयों से कक्षों के साथ ही विज्ञान प्रयोगशाला तैयार की गई।
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