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झाड़ियों से घिरे पशु अस्पताल के आवासीय भवन
Updated Tue, 28 Aug 2018 10:29 PM IST
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गणाईगंगोली (पिथौरागढ़)। राजकीय पशुचिकित्सालय गणाईगंगोली के आवासीय भवनों की दशा खराब हो गई है। भवन चारों तरफ से झाड़ियों से घिर गए हैं। लाखों की लागत से बने भवन खंडहर होते जा रहे हैं और कोई देखने वाला नहीं है, जबकि पशु अस्पताल भवन की भी दशा बेहद खराब है।
वर्ष 1972 में बने पशुचिकित्सालय के आवासीय भवनों की खराब हालत से इनमें कोई भी कर्मचारी नहीं रहता है। अस्पताल के डॉक्टर और कर्मचारियों को किराए के भवनों में रहना पड़ता है। इन भवनों की मरम्मत की मांग कई बार क्षेत्र के लोगों ने उठा दी है, लेकिन मरम्मत और देखरेख न होने से लाखों की सरकारी संपत्ति खंडहर बनने की कगार पर है।
हालांकि, इन भवनों में कोई कर्मचारी नहीं रहते, लेकिन विभाग कर्मचारियों से किराया बदस्तूर वसूल रहा है। पशु अस्पताल भवन भी क्षतिग्रस्त होने की कगार पर पहुंच गया है। पशुचिकित्सक डॉ. हिना मलिक और फार्मेसिस्ट शंकर आर्य ने बताया बारिश में पशुओं का इलाज करने में दिक्कत आती है। अस्पताल के कमरे में पानी भर जाता है। बताते हैं कि उच्चाधिकारियों के सामने मामला लगातार उठाया जा रहा है।
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वर्ष 1972 में बने पशुचिकित्सालय के आवासीय भवनों की खराब हालत से इनमें कोई भी कर्मचारी नहीं रहता है। अस्पताल के डॉक्टर और कर्मचारियों को किराए के भवनों में रहना पड़ता है। इन भवनों की मरम्मत की मांग कई बार क्षेत्र के लोगों ने उठा दी है, लेकिन मरम्मत और देखरेख न होने से लाखों की सरकारी संपत्ति खंडहर बनने की कगार पर है।
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हालांकि, इन भवनों में कोई कर्मचारी नहीं रहते, लेकिन विभाग कर्मचारियों से किराया बदस्तूर वसूल रहा है। पशु अस्पताल भवन भी क्षतिग्रस्त होने की कगार पर पहुंच गया है। पशुचिकित्सक डॉ. हिना मलिक और फार्मेसिस्ट शंकर आर्य ने बताया बारिश में पशुओं का इलाज करने में दिक्कत आती है। अस्पताल के कमरे में पानी भर जाता है। बताते हैं कि उच्चाधिकारियों के सामने मामला लगातार उठाया जा रहा है।
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