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सेना में भर्ती के लिए लगानी पड़ेगी 310 किमी की दौड़
Updated Wed, 07 Mar 2018 10:48 PM IST
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पिथौरागढ़। इस बार भी पिथौरागढ़ में स्थल नहीं मिलने पर सीमांत जिले के बेरोजगारों को सेना की भर्ती के लिए 310 किमी दूर बनबसा की दौड़ लगानी पड़ेगी। घर से भर्ती स्थल की लंबी दूरी का अभ्यर्थियों के शारीरिक एवं मानसिक क्षमता पर प्रतिकूल असर पड़ना तय है। इस बीच जिले के भूभाग से बनबसा तक लंबी दूरी को देखते हुए प्रस्तावित भर्ती स्थल का विरोध भी शुरू हो गया है।
भारतीय सेना ने इस वर्ष भर्ती कार्यक्रम जारी कर दिया है। प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत पिथौरागढ़ और चंपावत जिले की भर्ती 24 से 30 सितंबर के बीच बनबसा में की जाएगी। इसकेे तहत जीडी, टैक्नीकल, ट्रेडमैन, क्लर्क आदि पदों पर भर्ती की जानी है। भर्ती स्थल से जिले के विभिन्न भूभागों की दूरी को देखें तो मुनस्यारी से बनबसा भर्ती स्थल जाने के लिए सर्वाधिक 310 किमी की दूरी तय करनी पड़ेगी।
इसी तरह धारचूला से बनबसा पहुंचने के लिए 260 किमी, बनकोट से 250 किमी, गणाई-गंगोली से 230 किमी, बेड़ीनाग से 185 किमी दूरी तय करनी पड़ेगी। मुख्यालय से बनबसा तक जाने के लिए ही कम से कम 160 किमी दूरी तय करनी पड़ेगी। जिले में सेना में पंजीकृत बेरोजगारों की संख्या 19 हजार से अधिक है।
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सेना से पिथौरागढ़ में भर्ती कराने की मांग
सेना का भर्ती कार्यक्रम जारी होने के बाद स्थानीय लोगों ने बनबसा में आयोजन का विरोध किया है। उन्होंने सेना से पिथौरागढ़ में ही भर्ती कराने की मांग की है। बुधवार को पूर्व सैनिक कल्याण समिति का एक प्रतिनिधिमंडल भाटकोट स्थित सेना भर्ती कार्यालय अधिकारी ने मिला। प्रतिनिधिमंडल ने पिथौरागढ़ की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए बनबसा में भर्ती को अव्यवहारिक बताया। कहा कि इससे भर्ती में भाग लेने वाले युवाओं को भारी परेशानी होगी। समिति ने इस संबंध में प्रशासन से भी बातचीत करने का फैसला किया है। इस दौरान समिति अध्यक्ष दान सिंह वल्दिया, व्यापार संघ अध्यक्ष शमशेर महर, देव सिंह भाटिया, महादेव भट्ट, बहादुर सिंह रावत आदि थे।
मंत्री के दरबार में भी पहुंचा मामला
बनबसा में प्रस्तावित सेना भर्ती और विरोध का मामला वित्त मंत्री प्रकाश पंत के दरबार मेें भी पहुंच गया है। पूर्व सैनिक कल्याण समिति, व्यापार संघ आदि विभिन्न संगठनों और लोगों ने इस संबंध में मंत्री को जनभावनाओं से अवगत कराया है। साथ ही अनिवार्य रूप से पिथौरागढ़ में ही भर्ती कराने की मांग की है। मंत्री का कहना है कि भर्ती स्थल को लेकर सेना अधिकारियों से वार्ता की जाएगी।
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भारतीय सेना ने इस वर्ष भर्ती कार्यक्रम जारी कर दिया है। प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत पिथौरागढ़ और चंपावत जिले की भर्ती 24 से 30 सितंबर के बीच बनबसा में की जाएगी। इसकेे तहत जीडी, टैक्नीकल, ट्रेडमैन, क्लर्क आदि पदों पर भर्ती की जानी है। भर्ती स्थल से जिले के विभिन्न भूभागों की दूरी को देखें तो मुनस्यारी से बनबसा भर्ती स्थल जाने के लिए सर्वाधिक 310 किमी की दूरी तय करनी पड़ेगी।
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इसी तरह धारचूला से बनबसा पहुंचने के लिए 260 किमी, बनकोट से 250 किमी, गणाई-गंगोली से 230 किमी, बेड़ीनाग से 185 किमी दूरी तय करनी पड़ेगी। मुख्यालय से बनबसा तक जाने के लिए ही कम से कम 160 किमी दूरी तय करनी पड़ेगी। जिले में सेना में पंजीकृत बेरोजगारों की संख्या 19 हजार से अधिक है।
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सेना से पिथौरागढ़ में भर्ती कराने की मांग
सेना का भर्ती कार्यक्रम जारी होने के बाद स्थानीय लोगों ने बनबसा में आयोजन का विरोध किया है। उन्होंने सेना से पिथौरागढ़ में ही भर्ती कराने की मांग की है। बुधवार को पूर्व सैनिक कल्याण समिति का एक प्रतिनिधिमंडल भाटकोट स्थित सेना भर्ती कार्यालय अधिकारी ने मिला। प्रतिनिधिमंडल ने पिथौरागढ़ की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए बनबसा में भर्ती को अव्यवहारिक बताया। कहा कि इससे भर्ती में भाग लेने वाले युवाओं को भारी परेशानी होगी। समिति ने इस संबंध में प्रशासन से भी बातचीत करने का फैसला किया है। इस दौरान समिति अध्यक्ष दान सिंह वल्दिया, व्यापार संघ अध्यक्ष शमशेर महर, देव सिंह भाटिया, महादेव भट्ट, बहादुर सिंह रावत आदि थे।
मंत्री के दरबार में भी पहुंचा मामला
बनबसा में प्रस्तावित सेना भर्ती और विरोध का मामला वित्त मंत्री प्रकाश पंत के दरबार मेें भी पहुंच गया है। पूर्व सैनिक कल्याण समिति, व्यापार संघ आदि विभिन्न संगठनों और लोगों ने इस संबंध में मंत्री को जनभावनाओं से अवगत कराया है। साथ ही अनिवार्य रूप से पिथौरागढ़ में ही भर्ती कराने की मांग की है। मंत्री का कहना है कि भर्ती स्थल को लेकर सेना अधिकारियों से वार्ता की जाएगी।