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कैलाश मानसरोवर यात्रियों ने ली हिमालय बचाने की शपथ
Updated Sun, 03 Sep 2017 10:48 PM IST
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पिथौरागढ़। कैलाश मानसरोवर यात्रियों के 16वें दल के 19 यात्रियों ने रविवार को यहां पहुंचने पर पर्यटक आवासगृह में हिमालय बचाओ की शपथ ली। 16वें दल के यह यात्री रविवार को ही धारचूला से यहां पहुंचे। पर्यटक आवासगृह में यात्रियों को शपथ दिलाते हुए प्रबंधक दिनेश गुरुरानी ने कहा कि हिमालय के प्रति ज्यादा संवेदनशील होने की जरूरत है। यदि हिमालय ही नहीं रहेगा तो यहां का पर्यटन व्यवसाय चौपट हो जाएगा और नदी, झील समाप्त हो जाएंगी।
यात्रियों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि पहाड़ पर अधिक से अधिक पौधे लगाए जाएं, पेड़ों को काटने पर रोक लगाई जाए, नदियों में मलबा डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। बाद में यात्रियों ने मानसरोवर यात्री वाटिका और उल्कादेवी वाटिका में पौधों का रोपण किया। 16वें दल के यह यात्री शनिवार को मौसम की खराबी के कारण हेलीकॉप्टर के न उड़ने से बूंदी से नहीं आ पाए थे।
यात्रा दल के जनसंपर्क अधिकारी भास्कर सावंत ने कहा कि हिमालय बचाने के लिए देश के लोगों को जागृत होना पड़ेगा। इस मौके पर यात्रा समन्वयक हेमंत कुमार, हर सिंह, भूपेंद्र सिंह, पद्म सिंह, दीपक बिष्ट, नारायण दत्त, प्रदीप, संजय, राजेंद्र सिंह, हंसी बिष्ट आदि उपस्थित थे।
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कैलाश यात्रियों का 17वां दल भारतीय क्षेत्र में पहुंचा
डीडीहाट (पिथौरागढ़)। कैलाश मानसरोवर की परिक्रमा पूरी कर लौट रहे 17वें दल के यात्री रविवार को लिपुलेख दर्रा पार कर भारतीय क्षेत्र में पहुंच गए हैं। इस बीच 16वें दल के आठ सदस्यों को रविवार को बूंदी से हेलीकॉप्टर के जरिए धारचूला पहुंचाया गया। कैलाश मानसरोवर यात्रा के नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार अंतिम और 18वें दल के सदस्य रविवार को तिब्बत के डेरापुक पहुंच गए हैं। अंतिम दल के सदस्य नौ सितंबर को धारचूला पहुंच जाएंगे।
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यात्रियों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि पहाड़ पर अधिक से अधिक पौधे लगाए जाएं, पेड़ों को काटने पर रोक लगाई जाए, नदियों में मलबा डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। बाद में यात्रियों ने मानसरोवर यात्री वाटिका और उल्कादेवी वाटिका में पौधों का रोपण किया। 16वें दल के यह यात्री शनिवार को मौसम की खराबी के कारण हेलीकॉप्टर के न उड़ने से बूंदी से नहीं आ पाए थे।
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यात्रा दल के जनसंपर्क अधिकारी भास्कर सावंत ने कहा कि हिमालय बचाने के लिए देश के लोगों को जागृत होना पड़ेगा। इस मौके पर यात्रा समन्वयक हेमंत कुमार, हर सिंह, भूपेंद्र सिंह, पद्म सिंह, दीपक बिष्ट, नारायण दत्त, प्रदीप, संजय, राजेंद्र सिंह, हंसी बिष्ट आदि उपस्थित थे।
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कैलाश यात्रियों का 17वां दल भारतीय क्षेत्र में पहुंचा
डीडीहाट (पिथौरागढ़)। कैलाश मानसरोवर की परिक्रमा पूरी कर लौट रहे 17वें दल के यात्री रविवार को लिपुलेख दर्रा पार कर भारतीय क्षेत्र में पहुंच गए हैं। इस बीच 16वें दल के आठ सदस्यों को रविवार को बूंदी से हेलीकॉप्टर के जरिए धारचूला पहुंचाया गया। कैलाश मानसरोवर यात्रा के नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार अंतिम और 18वें दल के सदस्य रविवार को तिब्बत के डेरापुक पहुंच गए हैं। अंतिम दल के सदस्य नौ सितंबर को धारचूला पहुंच जाएंगे।