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सुंदरीनाग के मंदिर में विशेष पूजा शुरू
Updated Thu, 29 Mar 2018 10:52 PM IST
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नाचनी (पिथौरागढ़)। विख्यात सुंदरीनाग मंदिर में हर साल चैत्र त्रियोदशी से होने वाली दो दिनी पूजा शुरू हो गई है। बृहस्पतिवार को त्रियोदशी के दिन लोगों ने भारी संख्या में गोदान किए। मंदिर में पेयजल किल्लत के कारण लोगों को सात किमी दूर से पानी ढोना पड़ा। शुक्रवार चतुर्दशी को मंदिर में विशेष पूजा, अर्चना होगी।
बृहस्पतिवार को लोगों ने रात भर जागरण किया। साथ ही जल संस्थान की लापरवाही पर रोष जताया। सुंदरीनाग मंदिर को 90 के दशक में बनी कालामुनी-दुलियाबगड़ पेयजल योजना से पानी मिलता है। एक महीने से योजना पूरी तरह से ठप है।
हुपली के प्रधान गोविंद सिंह चुफाल ने बताया कि उन्होंने 25 मार्च को जल संस्थान के अधिकारियों को मंदिर में आयोजन की जानकारी देते हुए लाइन मरम्मत की मांग की थी, लेकिन जल संस्थान ने योजना की मरम्मत नहीं की। बताया कि लोग अपने घरों के साथ ही हुपली, बाथी गांवों के जलस्रोतों से 4 से 7 किमी पैदल चलकर पानी लाए। उन्होंने बताया कि मंदिर की बिजली व्यवस्था भी सुचारु नहीं है।
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बृहस्पतिवार को लोगों ने रात भर जागरण किया। साथ ही जल संस्थान की लापरवाही पर रोष जताया। सुंदरीनाग मंदिर को 90 के दशक में बनी कालामुनी-दुलियाबगड़ पेयजल योजना से पानी मिलता है। एक महीने से योजना पूरी तरह से ठप है।
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हुपली के प्रधान गोविंद सिंह चुफाल ने बताया कि उन्होंने 25 मार्च को जल संस्थान के अधिकारियों को मंदिर में आयोजन की जानकारी देते हुए लाइन मरम्मत की मांग की थी, लेकिन जल संस्थान ने योजना की मरम्मत नहीं की। बताया कि लोग अपने घरों के साथ ही हुपली, बाथी गांवों के जलस्रोतों से 4 से 7 किमी पैदल चलकर पानी लाए। उन्होंने बताया कि मंदिर की बिजली व्यवस्था भी सुचारु नहीं है।
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