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46 लाख की योजना में नहीं चलता पानी, डीएम ने दिए जांच के आदेश
Mon, 11 Feb 2019 11:35 PM IST
बृजमोहन बृजमोहन
अमर उजाला ब्यूरो, पिथौरागढ़।
अमर उजाला ब्यूरो, पिथौरागढ़।
Published by: बृजमोहन बृजमोहन
Updated Mon, 11 Feb 2019 11:35 PM IST
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पिथौरागढ़ के थली के लिए इस तरह खुले में बिछाई गई है पाइप लाइन।
- फोटो : AMAR UJALA
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ग्राम पंचायत मेलडुंगरी के राजस्व ग्राम थली के लिए बनी पेयजल योजना पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं। गांव के लोगों ने बरसाती गधेरे से योजना बनाने समेत तमाम गंभीर आरोप लगाए हैं। स्रोत में पानी न होने के कारण चार साल बीतने के बाद भी पेयजल निगम गांव के लोगों को पानी के संयोजन नहीं दे पाया है। गांव के लोगों ने जिलाधिकारी के सामने मामला उठाया है। डीएम ने उपजिलाधिकारी सदर को योजना की जांच के निर्देश दिए हैं।
गांव के लोगों ने जिलाधिकारी विजय कुमार जोगदंडे को सौंपे ज्ञापन में कहा है कि गांव में स्वजल परियोजना के तहत 46 लाख रुपये की लागत से योजना बनी है। कार्यदायी संस्था पेयजल निगम ने एक गधेरे से पानी की योजना बनाई है। गधेरे का पानी दूषित है। योजना की पाइप लाइन खुले में बिछाई गई है, जिस कारण कई स्थानों में पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त हो गई है। गांव के लोगों का कहना है कि थली के पुराने स्रोत में पर्याप्त पानी होने के बाद भी वहां से योजना नहीं बनाई है।
योजना से केवल 6 दल स्तंभ गांव में लगे हैं, उनमें पानी नहीं चलता है।
थली में मुख्य टैंक केवल 2000 लीटर क्षमता का बनाया गया है। वह भी मानकों के अनुसार नहीं बना है। कहा है कि तमाम बार मामला उठाने के बाद भी योजना में सुधार नहीं किया गया। इन लोगों ने योजना की जांच कर योजना में पानी का सप्लाई कराने और लोगों को संयोजन दिलाने की मांग डीएम से की। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रकरण की जांच एसडीएम सदर संतोष कुमार पांडेय से कराई जाएगी। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुरूप कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी से मिलने वालों में सामाजिक कार्यकर्ता शिव सिंह सुगड़ा, चंद्रशेखर जोशी, धर्मानंद जोशी, मोहन चंद्र जोशी, महेश चंद्र जोशी, अनिल जोशी, रमेश चंद्र जोशी, शंकर दत्त जोशी, गणेश दत्त जोशी आदि शामिल थे।
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गांव के लोगों ने जिलाधिकारी विजय कुमार जोगदंडे को सौंपे ज्ञापन में कहा है कि गांव में स्वजल परियोजना के तहत 46 लाख रुपये की लागत से योजना बनी है। कार्यदायी संस्था पेयजल निगम ने एक गधेरे से पानी की योजना बनाई है। गधेरे का पानी दूषित है। योजना की पाइप लाइन खुले में बिछाई गई है, जिस कारण कई स्थानों में पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त हो गई है। गांव के लोगों का कहना है कि थली के पुराने स्रोत में पर्याप्त पानी होने के बाद भी वहां से योजना नहीं बनाई है।
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योजना से केवल 6 दल स्तंभ गांव में लगे हैं, उनमें पानी नहीं चलता है।
थली में मुख्य टैंक केवल 2000 लीटर क्षमता का बनाया गया है। वह भी मानकों के अनुसार नहीं बना है। कहा है कि तमाम बार मामला उठाने के बाद भी योजना में सुधार नहीं किया गया। इन लोगों ने योजना की जांच कर योजना में पानी का सप्लाई कराने और लोगों को संयोजन दिलाने की मांग डीएम से की। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रकरण की जांच एसडीएम सदर संतोष कुमार पांडेय से कराई जाएगी। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुरूप कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी से मिलने वालों में सामाजिक कार्यकर्ता शिव सिंह सुगड़ा, चंद्रशेखर जोशी, धर्मानंद जोशी, मोहन चंद्र जोशी, महेश चंद्र जोशी, अनिल जोशी, रमेश चंद्र जोशी, शंकर दत्त जोशी, गणेश दत्त जोशी आदि शामिल थे।
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