{"_id":"5aec93fa4f1c1b87098b7d92","slug":"41525453818-pithoragarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"समाज कल्याण की जांच पर उठे सवाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
समाज कल्याण की जांच पर उठे सवाल
Updated Fri, 04 May 2018 10:49 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिथौरागढ़। आंबेडकर छात्रावास की अव्यवस्थाओं को लेकर जिला समाज कल्याण अधिकारी की जांच से छात्र असंतुष्ट हैं। छात्रों ने जांच के तथ्यों पर सवाल उठाए हैं। साथ ही जांच में लीपापोती का आरोप लगाया है। छात्रों ने जांच के खिलाफ उत्तराखंड अनुसूचित जाति आयोग में अपील की है।
छात्रावास में घटिया भोजन, छात्रवृत्ति न मिलने, नए छात्रावास का निर्माण, कोचिंग सेंटर के अभाव आदि समस्याओं को लेकर छात्र लगातार मुखर हैं। छात्रों ने पूर्व में छात्रावास की अव्यवस्थाओं की शिकायत आयोग से की थी। इसके बाद आयोग ने समाज कल्याण अधिकारी से जांच रिपोर्ट तलब की थी। अब समाज कल्याण अधिकारी ने आयोग को जांच रिपोर्ट भेजी है। इसमें भोजन की गुणवत्ता में सुधार के साथ ही अन्य समस्याओं के निस्तारण का प्रयास करने की दलील दी गई है, लेकिन छात्रों ने जांच के तथ्यों पर सवाल उठाए हैं।
छात्रों का कहना है कि अब भी गुणवत्ता पूर्ण भोजन नहीं मिल रहा। कई छात्रों को छात्रवृत्ति नहीं मिल पाई है। अन्य समस्याएं भी जस की तस हैं। उन्होंने जांच से असहमति जताई है। इसके साथ ही आयोग को पत्र भेजकर वस्तुस्थिति से अवगत कराया है। साथ ही आयोग से छात्रों को मिलने वाली मौलिक सुविधाएं बहाल कराने की मांग की है। छात्रावास संघ अध्यक्ष किशोर ने समाज कल्याण अधिकारी पर जांच मेें लीपापोती का आरोप लगाया है। इस संबंध में प्रभारी जिला समाज कल्याण अधिकारी मदन लाल ने लीपापोती के आरोप से इनकार किया है। उन्होंने बताया कि आयोग को समस्याओं पर बिंदुवार आख्या भेजी गई है।
विज्ञापन
ठेके की दर को ठहराया जिम्मेदार
छात्रावास के छात्रों के लिए मैस में खाना बनता है। इसके लिए ठेकेदार को प्रतिदिन प्रति छात्र 69 रुपये का भुगतान किया जाता है। महंगाई के दौर में दिनभर का भोजन इस दर पर मिलना मुश्किल है। इसके बावजूद समाज कल्याण ने इस दर पर ठेकेदार से अनुबंध कर लिया। दूसरी ओर छात्र लगातार भोजन की गुणवत्ता पर सवाल उठा रहे हैं। अब खुद विभाग ने भोजन की दर में कमी को इसका जिम्मेदार माना है। आयोग को भेजी गई आख्या में विभाग ने डाइट दर बढ़ाकर 150 रुपये करने की जरूरत बताई है।
विज्ञापन
छात्रावास में घटिया भोजन, छात्रवृत्ति न मिलने, नए छात्रावास का निर्माण, कोचिंग सेंटर के अभाव आदि समस्याओं को लेकर छात्र लगातार मुखर हैं। छात्रों ने पूर्व में छात्रावास की अव्यवस्थाओं की शिकायत आयोग से की थी। इसके बाद आयोग ने समाज कल्याण अधिकारी से जांच रिपोर्ट तलब की थी। अब समाज कल्याण अधिकारी ने आयोग को जांच रिपोर्ट भेजी है। इसमें भोजन की गुणवत्ता में सुधार के साथ ही अन्य समस्याओं के निस्तारण का प्रयास करने की दलील दी गई है, लेकिन छात्रों ने जांच के तथ्यों पर सवाल उठाए हैं।
विज्ञापन
छात्रों का कहना है कि अब भी गुणवत्ता पूर्ण भोजन नहीं मिल रहा। कई छात्रों को छात्रवृत्ति नहीं मिल पाई है। अन्य समस्याएं भी जस की तस हैं। उन्होंने जांच से असहमति जताई है। इसके साथ ही आयोग को पत्र भेजकर वस्तुस्थिति से अवगत कराया है। साथ ही आयोग से छात्रों को मिलने वाली मौलिक सुविधाएं बहाल कराने की मांग की है। छात्रावास संघ अध्यक्ष किशोर ने समाज कल्याण अधिकारी पर जांच मेें लीपापोती का आरोप लगाया है। इस संबंध में प्रभारी जिला समाज कल्याण अधिकारी मदन लाल ने लीपापोती के आरोप से इनकार किया है। उन्होंने बताया कि आयोग को समस्याओं पर बिंदुवार आख्या भेजी गई है।
विज्ञापन
ठेके की दर को ठहराया जिम्मेदार
छात्रावास के छात्रों के लिए मैस में खाना बनता है। इसके लिए ठेकेदार को प्रतिदिन प्रति छात्र 69 रुपये का भुगतान किया जाता है। महंगाई के दौर में दिनभर का भोजन इस दर पर मिलना मुश्किल है। इसके बावजूद समाज कल्याण ने इस दर पर ठेकेदार से अनुबंध कर लिया। दूसरी ओर छात्र लगातार भोजन की गुणवत्ता पर सवाल उठा रहे हैं। अब खुद विभाग ने भोजन की दर में कमी को इसका जिम्मेदार माना है। आयोग को भेजी गई आख्या में विभाग ने डाइट दर बढ़ाकर 150 रुपये करने की जरूरत बताई है।