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258 तोकों के बाशिंदों को बिजली का इंतजार
Updated Tue, 01 May 2018 11:05 PM IST
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पिथौरागढ़। जिले के 175 गांवों के 258 तोकों में अब भी बिजली नहीं पहुंच पाई है। मजबूरन ग्रामीण सोलर और केरोसिन लैंप के भरोसे रात काट रहे हैं। इन तोकों तक बिजली पहुंचाने की कोई कार्ययोजना भी अब तक तैयार नहीं हो पाई है। हालांकि ऊर्जा विभाग ने इन गैर विद्युतीकृत तोकों तक बिजली पहुंचाने के लिए वर्ष 2019 का लक्ष्य रखा है। ऐसे में बिजली विहीन गांवों को लेकर प्रधानमंत्री का दावा यहां खरा नहीं उतर सका है।
आजादी के 70 साल बाद भी सीमांत जनपद के आठों विकास खंडों के 175 ग्राम पंचायतों के 258 तोकों तक बिजली नहीं पहुंच सकी है। बिजली के अभाव में इन तोकों में शाम ढलते अंधेरा छा जाता है। रात को घरेलू कामकाज सोलर और केरोसिन लैंप की रोशनी में होते हैं। यहां छात्रों की पढ़ाई भी लैंप की रोशनी में होती है। इससे उन्हें कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
वहीं, विभाग ने अब तक इन गैर विद्युतीकृत तोकों तक बिजली पहुंचाने की कोई कार्ययोजना तैयार नहीं की है। वितरण खंड के ईई नितिन गर्खाल का कहना है कि गैर विद्युतीकृत तोकों का सर्वे कराया जा रहा है। इसके बाद विद्युतीकरण का कार्य शुरू होगा। उन्होंने बताया कि वर्ष 2019 तक सभी तोकों में बिजली पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
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तीन राजस्व गांवों को भी बिजली का इंतजार
जिले के तीन राजस्व गांवों मुनस्यारी का रालम, टोला और धारचूला का कुटी को भी बिजली का इंतजार है। इन राजस्व ग्रामों में दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना के तहत विद्युतीकरण का काम चल रहा है। हालांकि, बर्फबारी के चलते विद्युतीकरण का काम ठप हो गया था। अब पोल लगाने और लाइनें बिछाने का काम चल रहा है। ईई ने बताया कि जून तक काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 70 फीसदी काम हुआ है। इन गांवों के 73 परिवार बेसब्री से बिजली आने का इंतजार कर रहे हैं।
विकास खंड गैर विद्युतीकृत तोक
डीडीहाट 12
मुनस्यारी 53
बेड़ीनाग 14
गंगोलीहाट 70
कनालीछीना 18
मूनाकोट 22
धारचूला 54
विण 15
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आजादी के 70 साल बाद भी सीमांत जनपद के आठों विकास खंडों के 175 ग्राम पंचायतों के 258 तोकों तक बिजली नहीं पहुंच सकी है। बिजली के अभाव में इन तोकों में शाम ढलते अंधेरा छा जाता है। रात को घरेलू कामकाज सोलर और केरोसिन लैंप की रोशनी में होते हैं। यहां छात्रों की पढ़ाई भी लैंप की रोशनी में होती है। इससे उन्हें कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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वहीं, विभाग ने अब तक इन गैर विद्युतीकृत तोकों तक बिजली पहुंचाने की कोई कार्ययोजना तैयार नहीं की है। वितरण खंड के ईई नितिन गर्खाल का कहना है कि गैर विद्युतीकृत तोकों का सर्वे कराया जा रहा है। इसके बाद विद्युतीकरण का कार्य शुरू होगा। उन्होंने बताया कि वर्ष 2019 तक सभी तोकों में बिजली पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
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तीन राजस्व गांवों को भी बिजली का इंतजार
जिले के तीन राजस्व गांवों मुनस्यारी का रालम, टोला और धारचूला का कुटी को भी बिजली का इंतजार है। इन राजस्व ग्रामों में दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना के तहत विद्युतीकरण का काम चल रहा है। हालांकि, बर्फबारी के चलते विद्युतीकरण का काम ठप हो गया था। अब पोल लगाने और लाइनें बिछाने का काम चल रहा है। ईई ने बताया कि जून तक काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 70 फीसदी काम हुआ है। इन गांवों के 73 परिवार बेसब्री से बिजली आने का इंतजार कर रहे हैं।
विकास खंड गैर विद्युतीकृत तोक
डीडीहाट 12
मुनस्यारी 53
बेड़ीनाग 14
गंगोलीहाट 70
कनालीछीना 18
मूनाकोट 22
धारचूला 54
विण 15