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धीमी गति से काम करने वाले ठेकेदारों का कार्यादेश निरस्त करने के निर्देश
Updated Thu, 23 Nov 2017 10:43 PM IST
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पिथौरागढ़। डीएम सी रविशंकर ने धीमी गति से सड़कों का निर्माण करने वाले ठेकेदारों का कार्यादेश निरस्त कर नए टेंडर लगाने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने एक साल पहले स्वीकृत सड़कों का काम शुरू न होने पर भी नाराजगी जताई। साथ ही एक सप्ताह में कार्य शुरू न होने के बारे में रिपोर्ट तलब की है। आख्या प्राप्त न होने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
लोनिवि के पिथौरागढ़, बेड़ीनाग, डीडीहाट और अस्कोट डिवीजन के कामों की समीक्षा के दौरान डीएम ने कहा कि जिन स्वीकृत सड़कों में विवाद है, उन क्षेत्रों के एसडीएम, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय जनता के साथ बैठक कर 15 दिन के भीतर विवाद सुलझा लें। डीएम ने कहा कि जिले में गठित टास्क फोर्स और संबंधित क्षेत्र के एसडीएम के माध्यम से सड़कों का स्थलीय निरीक्षण कराया जाएगा, ताकि कार्य समय पर पूरा होने के साथ ही गुणवत्तायुक्त रहे। कहा कि वन भूमि हस्तांतरण में लगी आपत्ति का शीघ्र निस्तारण करें। वन भूमि के लंबित मामलों की दो दिन के भीतर सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
डीएम ने कहा कि जो भी सड़कें कट गई हैं, उन सड़कों में कटी किसानों की भूमि का मुआवजा शीघ्र बांटा जाए। इसके लिए गांवों में शिविर लगाए जाएं। डीएम ने कहा कि जिन सड़कों का निर्माण हो गया है, उनका राजस्व, परिवहन और लोनिवि की टीम से संयुक्त निरीक्षण कराकर यातायात की अनुमति देने की कार्रवाई की जाए। डीएम ने सड़क कटिंग का मलबा डंपिंग जोन में ही डालने के निर्देश देते हुए कहा कि मलबे से वनस्पति को किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए। सड़क निर्माण के दौरान क्षतिग्रस्त पानी एवं सिंचाई योजनाओं को शीघ्र ठीक करने के भी निर्देश दिए। बैठक में चारों डिवीजनों के अधिकारी मौजूद थे।
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बगैर अनुमति कोई अधिकारी जिला नहीं छोड़ेगा : डीएम
डीएम सी रविशंकर ने मुख्य सचिव के आदेश का हवाला देते हुए सभी जिला स्तरीय अधिकारियों से बगैर अनुमति के जिले से बाहर न जाने के निर्देश दिए हैं। कहा कि कोई भी अधिकारी बगैर उनकी अनुमति के किसी भी बैठक में प्रतिभाग नहीं करेगा। कहा कि उनके संज्ञान में आया है कि कई अधिकारी बैठकों में प्रतिभाग करने के लिए जिले से बाहर जा रहे हैं। कोई भी अधिकारी निर्देशों का उल्लंघन करेगा तो उसको प्रतिकूल प्रविष्टि देने के साथ ही शासन को अवगत कराया जाएगा।
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लोनिवि के पिथौरागढ़, बेड़ीनाग, डीडीहाट और अस्कोट डिवीजन के कामों की समीक्षा के दौरान डीएम ने कहा कि जिन स्वीकृत सड़कों में विवाद है, उन क्षेत्रों के एसडीएम, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय जनता के साथ बैठक कर 15 दिन के भीतर विवाद सुलझा लें। डीएम ने कहा कि जिले में गठित टास्क फोर्स और संबंधित क्षेत्र के एसडीएम के माध्यम से सड़कों का स्थलीय निरीक्षण कराया जाएगा, ताकि कार्य समय पर पूरा होने के साथ ही गुणवत्तायुक्त रहे। कहा कि वन भूमि हस्तांतरण में लगी आपत्ति का शीघ्र निस्तारण करें। वन भूमि के लंबित मामलों की दो दिन के भीतर सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
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डीएम ने कहा कि जो भी सड़कें कट गई हैं, उन सड़कों में कटी किसानों की भूमि का मुआवजा शीघ्र बांटा जाए। इसके लिए गांवों में शिविर लगाए जाएं। डीएम ने कहा कि जिन सड़कों का निर्माण हो गया है, उनका राजस्व, परिवहन और लोनिवि की टीम से संयुक्त निरीक्षण कराकर यातायात की अनुमति देने की कार्रवाई की जाए। डीएम ने सड़क कटिंग का मलबा डंपिंग जोन में ही डालने के निर्देश देते हुए कहा कि मलबे से वनस्पति को किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए। सड़क निर्माण के दौरान क्षतिग्रस्त पानी एवं सिंचाई योजनाओं को शीघ्र ठीक करने के भी निर्देश दिए। बैठक में चारों डिवीजनों के अधिकारी मौजूद थे।
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बगैर अनुमति कोई अधिकारी जिला नहीं छोड़ेगा : डीएम
डीएम सी रविशंकर ने मुख्य सचिव के आदेश का हवाला देते हुए सभी जिला स्तरीय अधिकारियों से बगैर अनुमति के जिले से बाहर न जाने के निर्देश दिए हैं। कहा कि कोई भी अधिकारी बगैर उनकी अनुमति के किसी भी बैठक में प्रतिभाग नहीं करेगा। कहा कि उनके संज्ञान में आया है कि कई अधिकारी बैठकों में प्रतिभाग करने के लिए जिले से बाहर जा रहे हैं। कोई भी अधिकारी निर्देशों का उल्लंघन करेगा तो उसको प्रतिकूल प्रविष्टि देने के साथ ही शासन को अवगत कराया जाएगा।