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मुनस्यारी में पीने के पानी को लेकर हाहाकार
Updated Mon, 01 Oct 2018 11:29 PM IST
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मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। मुनस्यारी के तमाम इलाकों में पीने के पानी का गंभीर संकट बना हुआ है। लोगों ने पानी के बिल का भुगतान न करने के ही आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी है।
चार अगस्त को मुनस्यारी के भोलूखोलता पुलिया के पास पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसके चलते नानसेम गांव के लोग पेयजल किल्लत से जूझ रहे हैं। दरांती गांव में पानी की आपूर्ति ठप है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार पेयजल आपूर्ति बाधित होने की सूचना विभाग को दी जाती रही है परंतु विभाग इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। नानसेंम के ग्रामीणों ने सामाजिक कार्यकर्ता किशन सिंह निखुर्पा के नेतृत्व में जल संस्थान मुनस्यारी के अवर अभियंता को ज्ञापन दिया है। कहा है कि जुलाई की आपदा के बाद से मुनस्यारी के हॉस्पिटल रोड, जोशा, मदकोट, नानासेम, दरांती समेत कई गांवों में जलापूर्ति बाधित है। यदि जलापूर्ति सुचारु नहीं की जाती है तो वो लोग पानी के बिलों का भुगतान नहीं करेंगे। विभाग के खिलाफ आंदोलन शुरू कर देंगे।
जल संस्थान के उपखंड अधिकारी सत्यवान रावत का कहना है कि आपदा के दौरान पेयजल सुचारु करने करने के लिए अस्थायी व्यवस्था की गई थी। अब पक्के निर्माण के लिए जल्दी ही निविदाएं आमंत्रित की जा रही हैं। योजनाओं की मरम्मत की जाएगी।
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चार अगस्त को मुनस्यारी के भोलूखोलता पुलिया के पास पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसके चलते नानसेम गांव के लोग पेयजल किल्लत से जूझ रहे हैं। दरांती गांव में पानी की आपूर्ति ठप है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार पेयजल आपूर्ति बाधित होने की सूचना विभाग को दी जाती रही है परंतु विभाग इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। नानसेंम के ग्रामीणों ने सामाजिक कार्यकर्ता किशन सिंह निखुर्पा के नेतृत्व में जल संस्थान मुनस्यारी के अवर अभियंता को ज्ञापन दिया है। कहा है कि जुलाई की आपदा के बाद से मुनस्यारी के हॉस्पिटल रोड, जोशा, मदकोट, नानासेम, दरांती समेत कई गांवों में जलापूर्ति बाधित है। यदि जलापूर्ति सुचारु नहीं की जाती है तो वो लोग पानी के बिलों का भुगतान नहीं करेंगे। विभाग के खिलाफ आंदोलन शुरू कर देंगे।
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जल संस्थान के उपखंड अधिकारी सत्यवान रावत का कहना है कि आपदा के दौरान पेयजल सुचारु करने करने के लिए अस्थायी व्यवस्था की गई थी। अब पक्के निर्माण के लिए जल्दी ही निविदाएं आमंत्रित की जा रही हैं। योजनाओं की मरम्मत की जाएगी।
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