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दो युवाओं की मौत से पिथौरागढ़ में गम का माहौल
Updated Wed, 07 Feb 2018 10:52 PM IST
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पिथौरागढ़। चंपावत जिले में स्वांला के पास बुधवार सुबह हुए सड़क हादसे में पिथौरागढ़ नगर के दो युवाओं की मौत की खबर से यहां गम का माहौल है। हादसे में लुंठ्यूड़ा निवासी वाहन चालक बसारत अंसारी उर्फ लवी (24) पुत्र अब्दुल रईस और पुराना बाजार निवासी आशीष पटवा (23) पुत्र मोहन लाल पटवा की मौत हो गई। सुबह जैसे ही दुर्घटना की जानकारी यहां मिली तो दोनों युवाओं के दोस्तों और परिचितों ने घटनास्थल का रुख कर लिया।
बताते हैं कि मैक्स चालक बसारत अंसारी रोज हल्द्वानी के लिए चलता था। वह हमेशा घाट, दन्यां होकर जाता और उसी रूट से लौटता था, लेकिन बुधवार को वह टनकपुर की तरफ से जा रहा था। बसारत के पिता अब्दुल रईस की यहां सिल्थाम चौराहे पर मीट की दुकान है। बेहद गरीब इस परिवार की आजीविका जैसे-तैसे चलती है। बसारत के एक छोटा भाई और बहन भी हैं। पिता इस घटना से अवाक हैं। बसारत की अभी शादी भी नहीं हुई। कुछ साल पहले उसने मैक्स वाहन खरीदा और उसी वाहन को वह बड़ी मेहनत से चलाकर परिवार का गुजारा कर रहा था।
वहीं, आशीष पटवा के पिता का काफी पहले निधन हो गया था। वह पुराना बाजार सुनारगली में गहनों को गूंथने का काम करता था। परिवार में वह अकेला बेटा था। परिवार में मां और तीन बहनें हैं। बड़ी बहन हरिद्वार में नौकरी करती है। उससे छोटी की शादी हो गई है। सबसे छोटी बहन आशीष के साथ दुकान में मदद करती है। परिवार को चलाने की सारी जिम्मेदारी आशीष पर ही थी। बेटे के सहारे जिंदगी को आगे बढ़ा रही आशीष की मां 55 वर्षीय निर्मला पटवा का यह सहारा भी आज छिन गया है। पुराना बाजार में बुधवार को गम का माहौल रहा।
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आशीष काफी मिलनसार था। उसके हमउम्र नौजवानों के साथ अच्छी दोस्ती थी। आशीष के कई दोस्त घटनास्थल पर गए हैं। सुबह दुर्घटना की सूचना मिलते ही अफरातफरी का माहौल रहा। पहले अफवाह उड़ी कि वाहन में सवार सभी लोग पिथौरागढ़ नगर के ही हैं। इस अफवाह के बाद लोग टनकपुर के रास्ते पिथौरागढ़ को आ रहे अपने अपने रिश्तेदारों के बारे में जानकारी जुटाने में लग गए।
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बताते हैं कि मैक्स चालक बसारत अंसारी रोज हल्द्वानी के लिए चलता था। वह हमेशा घाट, दन्यां होकर जाता और उसी रूट से लौटता था, लेकिन बुधवार को वह टनकपुर की तरफ से जा रहा था। बसारत के पिता अब्दुल रईस की यहां सिल्थाम चौराहे पर मीट की दुकान है। बेहद गरीब इस परिवार की आजीविका जैसे-तैसे चलती है। बसारत के एक छोटा भाई और बहन भी हैं। पिता इस घटना से अवाक हैं। बसारत की अभी शादी भी नहीं हुई। कुछ साल पहले उसने मैक्स वाहन खरीदा और उसी वाहन को वह बड़ी मेहनत से चलाकर परिवार का गुजारा कर रहा था।
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वहीं, आशीष पटवा के पिता का काफी पहले निधन हो गया था। वह पुराना बाजार सुनारगली में गहनों को गूंथने का काम करता था। परिवार में वह अकेला बेटा था। परिवार में मां और तीन बहनें हैं। बड़ी बहन हरिद्वार में नौकरी करती है। उससे छोटी की शादी हो गई है। सबसे छोटी बहन आशीष के साथ दुकान में मदद करती है। परिवार को चलाने की सारी जिम्मेदारी आशीष पर ही थी। बेटे के सहारे जिंदगी को आगे बढ़ा रही आशीष की मां 55 वर्षीय निर्मला पटवा का यह सहारा भी आज छिन गया है। पुराना बाजार में बुधवार को गम का माहौल रहा।
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आशीष काफी मिलनसार था। उसके हमउम्र नौजवानों के साथ अच्छी दोस्ती थी। आशीष के कई दोस्त घटनास्थल पर गए हैं। सुबह दुर्घटना की सूचना मिलते ही अफरातफरी का माहौल रहा। पहले अफवाह उड़ी कि वाहन में सवार सभी लोग पिथौरागढ़ नगर के ही हैं। इस अफवाह के बाद लोग टनकपुर के रास्ते पिथौरागढ़ को आ रहे अपने अपने रिश्तेदारों के बारे में जानकारी जुटाने में लग गए।