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सड़क के गलत सर्वे का खामियाजा भुगत रहे लोग
Updated Wed, 14 Jun 2017 10:48 PM IST
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सड़क के गलत सर्वे का खामियाजा भुगत रहे लोग
थल (पिथौरागढ़)। बलतिर से अलकाथल तक 1998 में सड़क निर्माण के समय जो सर्वे किया गया था, उसका खामियाजा अब क्षेत्र के लोग भुगत रहे हैं। अलमियागांव के पास सड़क इतनी खराब हालत में है कि वहां से आगे को वाहन नहीं बढ़ पाते। सड़क निर्माण के लिए सर्वे करते समय इस बात का ध्यान नहीं दिया गया कि जहां से सड़क बनाई जा रही है वहां की जमीन लगातार धंसती है। सड़क से क्षेत्र के लोगों को कोई लाभ नहीं मिला है।
क्षेत्र के लोगों की मांग पर 1998 में तत्कालीन यूपी सरकार ने इस सड़क का निर्माण कराया था। अब तक सड़क पर डामर नहीं हो पाया है। कई जगह सड़क दलदली हालत में है। बिना बारिश के ही यह सड़क बंद रहती है। बारिश के मौसम में पूरे चार महीने तक इस सड़क पर पैदल चलना भी कठिन हो जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस सड़क के बनने से नुकसान ज्यादा हुए हैं। सड़क का मलबा लगातार खेतों में पट रहा है। यातायात की सुविधा तो नहीं मिली, लेकिन खेतों को नुकसान जरूर हो गया। अलमियागांव के पास सड़क इस कदर धंस गई है कि उसमें वाहन नहीं चढ़ पाते। लोगों ने कहा कि सड़क की दुर्दशा की जांच होनी चाहिए और सड़क का सर्वे बदला जाना जरूरी है।
इधर, लोनिवि के अधिशासी अभियंता पीसी जोशी ने कहा कि बलतिर से अलकाथल सड़क के सुधारीकरण के लिए टेंडर हो गए हैं। जल्द ही मजदूर लगाकर काम शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जहां पर सड़क धंस रही है वहां पर दीवार लगाई जाएगी और भूकटाव रोकने के प्रयास किए जाएंगे। बारिश के मौसम में लोगों को इस बात की चिंता सताने लगी है कि सड़क का मलबा फिर से खेतों में पट जाएगा।
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थल (पिथौरागढ़)। बलतिर से अलकाथल तक 1998 में सड़क निर्माण के समय जो सर्वे किया गया था, उसका खामियाजा अब क्षेत्र के लोग भुगत रहे हैं। अलमियागांव के पास सड़क इतनी खराब हालत में है कि वहां से आगे को वाहन नहीं बढ़ पाते। सड़क निर्माण के लिए सर्वे करते समय इस बात का ध्यान नहीं दिया गया कि जहां से सड़क बनाई जा रही है वहां की जमीन लगातार धंसती है। सड़क से क्षेत्र के लोगों को कोई लाभ नहीं मिला है।
क्षेत्र के लोगों की मांग पर 1998 में तत्कालीन यूपी सरकार ने इस सड़क का निर्माण कराया था। अब तक सड़क पर डामर नहीं हो पाया है। कई जगह सड़क दलदली हालत में है। बिना बारिश के ही यह सड़क बंद रहती है। बारिश के मौसम में पूरे चार महीने तक इस सड़क पर पैदल चलना भी कठिन हो जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस सड़क के बनने से नुकसान ज्यादा हुए हैं। सड़क का मलबा लगातार खेतों में पट रहा है। यातायात की सुविधा तो नहीं मिली, लेकिन खेतों को नुकसान जरूर हो गया। अलमियागांव के पास सड़क इस कदर धंस गई है कि उसमें वाहन नहीं चढ़ पाते। लोगों ने कहा कि सड़क की दुर्दशा की जांच होनी चाहिए और सड़क का सर्वे बदला जाना जरूरी है।
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इधर, लोनिवि के अधिशासी अभियंता पीसी जोशी ने कहा कि बलतिर से अलकाथल सड़क के सुधारीकरण के लिए टेंडर हो गए हैं। जल्द ही मजदूर लगाकर काम शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जहां पर सड़क धंस रही है वहां पर दीवार लगाई जाएगी और भूकटाव रोकने के प्रयास किए जाएंगे। बारिश के मौसम में लोगों को इस बात की चिंता सताने लगी है कि सड़क का मलबा फिर से खेतों में पट जाएगा।
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