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29 साल से चंडाक-गंगोलीहाट
कालिका रावल/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Tue, 20 Jan 2015 12:49 PM IST
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करीब तीन दशक से लोगों को चंडाक-आंवलाघाट-गंगोलीहाट सड़क योजना पूरी होने का इंतजार कर है। उनको इंतजार है कि जब यह सड़क बनेगी और गंगोलीहाट - पिथौरागढ़ की दूरी तो घटेगी ही, अल्मोड़ा, हल्द्वानी आवागमन को नया वैकल्पिक और सुगम मार्ग मिलेगा पर योजना है कि अपनी ही ‘गति’ से ही चल रही है। जबकि यह सीएम का ड्रीम प्रोजेक्ट भी है।
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1985 में सांसद रहते हुए वर्तमान मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ को आपस में जोड़ने के लिए अपने प्रयासों से नैनी (अल्मोड़ा) - पव्वाधार - गंगोलीहाट- आंवलाघाट - चंडाक (पिथौरागढ़) सड़क को मंजूरी दिलाई। वन भूमि हस्तांतरण नहीं होने से सड़क का काम वर्ष 2000 तक लटका रहा। वर्ष 2001 के बाद सड़क का निर्माण शुरू हुआ। गंगोलीहाट से पव्वाधार 14 किमी, अग्रोनबैंड तक 10 किमी सड़क का काम पूरा हो गया है।
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अग्रोनबैंड से आंवला घाट तक 17 किमी हिस्से में वन भूमि नहीं मिलने से योजना में देरी हो रही है। पिथौरागढ़ के चंडाक से आंवलाघाट तक 36 किमी सड़क में 6 किमी सड़क में काम होना है। अक्तूबर-2014 में मुनस्यारी भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सड़क के अवशेष काम को पूरा करने के निर्देश दिए थे।
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