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29 हेक्टेयर जमीन में विकसित होंगे चाय बागान
ब्यूरो/अमर उजाला,डीडीहाट / पिथौरागढ़
Updated Sat, 09 Jan 2016 10:19 PM IST
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उत्तराखंड चाय विकास बोर्ड ने डीडीहाट विकासखंड के अंतर्गत विभिन्न ग्राम सभाओं की बंजर भूमि को उपजाऊ बनाने के लिए 29 हेक्टेयर भूमि में चाय बागान विकसित करने का फैसला लिया है।
चाय विकास बोर्ड के प्रबंधक डिसमंट ब्रेकवेक ने बताया कि मुख्यमंत्री की बहुआयामी परियोजना के तहत पिथौरागढ़ जिले के डीडीहाट विकासखंड में मनरेगा के तहत चाय की नर्सरी बनाने का काम किया जा रहा है। भड़गांव में 4.50 लाख चाय के पौध की नर्सरी तैयार हो चुकी है। अब तक चाय विकास बोर्ड ने 21 हेक्टेयर भूमि पर चाय की खेती करना शुरू कर दिया है। ग्रामीणों को मनरेगा के तहत 100 दिन पूरे होने पर चाय विकास बोर्ड के माध्यम से मजदूरी दी जा रही है। विकासखंड डीडीहाट के सहायक खंड विकास अधिकारी डीआर लोहिया चाय की नर्सरियों का निरीक्षण किया। सहायक खंड विकास अधिकारी ने ग्रामीणों को बताया कि चाय की खेती से काश्तकार को भविष्य में अच्छा धन प्राप्त हो सकता है। 7 से 10 वर्ष तक काश्तकार अपनी जमीन चाय लगाने के लिए चाय विकास बोर्ड को लीज पर देगा और 10 साल के बाद पूरा बागान काश्तकार का हो जाएगा।
वहीं चाय विकास बोर्ड के पर्यवेक्षक दीपक सिह बृजवाल ने बताया कि वर्तमान में विकासखंड के भैस्यूड़ी, भालूउड्यिार, तिलाड़ी, लेपार्थी, ननपापू में चाय बागान की नर्सरी बनाने का काम चल रहा हैं। 29 हेक्टेयर भूमि पर शीघ्र ही चाय के पौधों का रोपण कर दिया जाएगा।
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चाय विकास बोर्ड के प्रबंधक डिसमंट ब्रेकवेक ने बताया कि मुख्यमंत्री की बहुआयामी परियोजना के तहत पिथौरागढ़ जिले के डीडीहाट विकासखंड में मनरेगा के तहत चाय की नर्सरी बनाने का काम किया जा रहा है। भड़गांव में 4.50 लाख चाय के पौध की नर्सरी तैयार हो चुकी है। अब तक चाय विकास बोर्ड ने 21 हेक्टेयर भूमि पर चाय की खेती करना शुरू कर दिया है। ग्रामीणों को मनरेगा के तहत 100 दिन पूरे होने पर चाय विकास बोर्ड के माध्यम से मजदूरी दी जा रही है। विकासखंड डीडीहाट के सहायक खंड विकास अधिकारी डीआर लोहिया चाय की नर्सरियों का निरीक्षण किया। सहायक खंड विकास अधिकारी ने ग्रामीणों को बताया कि चाय की खेती से काश्तकार को भविष्य में अच्छा धन प्राप्त हो सकता है। 7 से 10 वर्ष तक काश्तकार अपनी जमीन चाय लगाने के लिए चाय विकास बोर्ड को लीज पर देगा और 10 साल के बाद पूरा बागान काश्तकार का हो जाएगा।
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वहीं चाय विकास बोर्ड के पर्यवेक्षक दीपक सिह बृजवाल ने बताया कि वर्तमान में विकासखंड के भैस्यूड़ी, भालूउड्यिार, तिलाड़ी, लेपार्थी, ननपापू में चाय बागान की नर्सरी बनाने का काम चल रहा हैं। 29 हेक्टेयर भूमि पर शीघ्र ही चाय के पौधों का रोपण कर दिया जाएगा।
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