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डीएम ने मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए
Updated Tue, 12 Dec 2017 11:14 PM IST
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पिथौरागढ़। जिला महिला अस्पताल की लापरवाही के एक और मामले की डीएम सी रविशंकर ने मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं। उप जिला मजिस्ट्रेट वैभव गुप्ता मामले की जांच करेंगे।
उप जिला मजिस्ट्रेट गुप्ता ने बताया कि सेरीकांडा (गुरना) निवासी अनिल सिंह मेहता पुत्र राजेंद्र सिंह मेहता ने 11 दिसंबर को दिए प्रार्थनापत्र में कहा है कि महिला चिकित्सालय में इलाज के दौरान उनकी पत्नी के गर्भाश्य और किडनी में इंफैक्शन फैल गया। 19 नवंबर को उसका देहांत हो गया। उन्होंने पत्नी की मौत के लिए अस्पताल की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है।
उपजिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि लापरवाही के संबंध में जिस किसी व्यक्ति को कोई जानकारी हो तो वह किसी भी कार्यदिवस पर एक सप्ताह के भीतर उप जिला मजिस्ट्रेट पिथौरागढ़ के कार्यालय में अपने बयान दर्ज करा सकता है। अस्पताल पर लापरवाही के दो मामले हाल के दिनों में सामने आए हैं। एक मामले में डीएम ने लापरवाह डॉक्टर और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की संस्तुति तक कर दी है।
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प्रसव पीड़िता से दुर्व्यवहार का एक मामला सोमवार को ही सामने आया था, जिसकी जांच के आदेश डीएम ने दिए हैं। अस्पताल के खिलाफ लगातार आ रही शिकायतों से अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य महकमे पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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उप जिला मजिस्ट्रेट गुप्ता ने बताया कि सेरीकांडा (गुरना) निवासी अनिल सिंह मेहता पुत्र राजेंद्र सिंह मेहता ने 11 दिसंबर को दिए प्रार्थनापत्र में कहा है कि महिला चिकित्सालय में इलाज के दौरान उनकी पत्नी के गर्भाश्य और किडनी में इंफैक्शन फैल गया। 19 नवंबर को उसका देहांत हो गया। उन्होंने पत्नी की मौत के लिए अस्पताल की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है।
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उपजिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि लापरवाही के संबंध में जिस किसी व्यक्ति को कोई जानकारी हो तो वह किसी भी कार्यदिवस पर एक सप्ताह के भीतर उप जिला मजिस्ट्रेट पिथौरागढ़ के कार्यालय में अपने बयान दर्ज करा सकता है। अस्पताल पर लापरवाही के दो मामले हाल के दिनों में सामने आए हैं। एक मामले में डीएम ने लापरवाह डॉक्टर और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की संस्तुति तक कर दी है।
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प्रसव पीड़िता से दुर्व्यवहार का एक मामला सोमवार को ही सामने आया था, जिसकी जांच के आदेश डीएम ने दिए हैं। अस्पताल के खिलाफ लगातार आ रही शिकायतों से अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य महकमे पर सवाल खड़े हो रहे हैं।