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आपदा के समय टीमों के बीच समन्वय जरूरी:मारवा
Updated Tue, 24 Oct 2017 10:47 PM IST
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पिथौरागढ़। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीडीए) के सदस्य ले. जनरल एनसी मारवा ने कहा कि आपदा के समय राहत और बचाव के काम में लगने वाली टीमों के बीच समन्वय होना जरूरी है।
यहां जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक में ले. जनरल मारवा ने जिले में पिछले दिनों आई आपदा के बाद चलाए गए राहत और बचाव कार्यों की जानकारी ली। जिलाधिकारी सी रविशंकर ने मारवा को बताया कि जिले में इस साल बरम, मदरमा, मांगती, मालपा में आपदा आई थी। आपदा के तुरंत बाद राहत, खोज और बचाव का काम तेजी से किया गया। डीएम ने पिछले 20 वर्षों में जिले में आई आपदा की जानकारी भी दी।
ले. जनरल मारवा ने बताया कि 2013 की बड़ी आपदा के बाद एनडीडीए का गठन हुआ। आपदा के समय इस प्राधिकरण ने बेहतरीन काम किया है। उन्होंने आपदा से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम लगातार जारी रखने, आपदा के समय जो अनुभव प्राप्त हुए उनकी जानकारी एनडीडीए को उपलब्ध कराने का सुझाव दिया। इसके अलावा विद्यालय स्तर पर आपदा प्रबंधन कमेटी बनाने, विद्यालयों में जागरूकता अभियान चलाने की बात भी कही। ले. जनरल मारवा ने बताया कि आपदा प्रभावित इलाकों में डाप्लर रडार लगाए जाएंगे।
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पिथौरागढ़ जिले को सैन्य बाहुल्य बताते हुए उन्होंने कहा कि यहां के पूर्व सैनिकों को भी आपदा का प्रशिक्षण दिया जाए। सड़क निर्माण का काम करने वाले विभागों को ले. जनरल मारवा ने सख्त हिदायत दी कि सड़क कटिंग के समय विस्फोटकों का कम से कम प्रयोग करें। विस्फोटों से भूकटाव का खतरा बढ़ जाता है। बैठक में सीडीओ वंदना, आईटीबीपी, एसएसबी, आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारी मौजूद थे।
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यहां जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक में ले. जनरल मारवा ने जिले में पिछले दिनों आई आपदा के बाद चलाए गए राहत और बचाव कार्यों की जानकारी ली। जिलाधिकारी सी रविशंकर ने मारवा को बताया कि जिले में इस साल बरम, मदरमा, मांगती, मालपा में आपदा आई थी। आपदा के तुरंत बाद राहत, खोज और बचाव का काम तेजी से किया गया। डीएम ने पिछले 20 वर्षों में जिले में आई आपदा की जानकारी भी दी।
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ले. जनरल मारवा ने बताया कि 2013 की बड़ी आपदा के बाद एनडीडीए का गठन हुआ। आपदा के समय इस प्राधिकरण ने बेहतरीन काम किया है। उन्होंने आपदा से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम लगातार जारी रखने, आपदा के समय जो अनुभव प्राप्त हुए उनकी जानकारी एनडीडीए को उपलब्ध कराने का सुझाव दिया। इसके अलावा विद्यालय स्तर पर आपदा प्रबंधन कमेटी बनाने, विद्यालयों में जागरूकता अभियान चलाने की बात भी कही। ले. जनरल मारवा ने बताया कि आपदा प्रभावित इलाकों में डाप्लर रडार लगाए जाएंगे।
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पिथौरागढ़ जिले को सैन्य बाहुल्य बताते हुए उन्होंने कहा कि यहां के पूर्व सैनिकों को भी आपदा का प्रशिक्षण दिया जाए। सड़क निर्माण का काम करने वाले विभागों को ले. जनरल मारवा ने सख्त हिदायत दी कि सड़क कटिंग के समय विस्फोटकों का कम से कम प्रयोग करें। विस्फोटों से भूकटाव का खतरा बढ़ जाता है। बैठक में सीडीओ वंदना, आईटीबीपी, एसएसबी, आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारी मौजूद थे।