{"_id":"5ce190a4bdec2207532a61a3","slug":"191558286500-pithoragarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"खराब मौसम के कारण नहीं लाया जा सका जवान का पार्थिव शरीर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खराब मौसम के कारण नहीं लाया जा सका जवान का पार्थिव शरीर
विज्ञापन
पिथौरागढ़। नेपाल की मकालू चोटी पर पर्वतारोहण के दौरान बर्फ में दबने से मृत कुमाऊं स्काउट के जवान नारायण सिंह का पार्थिव शरीर मौसम खराब के कारण नहीं लाया जा सका। सूत्रों के अनुसार शव के 21 मई तक यहां लाए जाने की संभावना है।
बरम के कनार गांव निवासी नारायण सिंह पुत्र वीर सिंह (35) वर्ष कुमाऊं स्काउट में नायक के पद पर तैनात थे। पर्वतारोहण अभियान के दौरान नेपाल में स्थित दुनियां की पांचवीं सबसे ऊंची मकालू चोटी (8485) मीटर में चढ़ाई के बाद नीचे उतरते समय बृहस्पतिवार रात बर्फ में दबने से उनकी मौत हो गई थी। उनके पार्थिव शरीर को रविवार को पैतृक गांव लाने की संभावना थी।
बताया जा रहा है वहां पर खराब मौसम के कारण पार्थिव शरीर चोटी से नीचे नहीं उतारा जा सका है। जवान के पार्थिव शरीर के 21 मई तक पैतृक गांव लाए जाने की संभावना है। इस दुखद घटना के बाद से पूरे बरम क्षेत्र में शोक छाया है। परिजन गहरे सदमे में हैं। ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
बरम के कनार गांव निवासी नारायण सिंह पुत्र वीर सिंह (35) वर्ष कुमाऊं स्काउट में नायक के पद पर तैनात थे। पर्वतारोहण अभियान के दौरान नेपाल में स्थित दुनियां की पांचवीं सबसे ऊंची मकालू चोटी (8485) मीटर में चढ़ाई के बाद नीचे उतरते समय बृहस्पतिवार रात बर्फ में दबने से उनकी मौत हो गई थी। उनके पार्थिव शरीर को रविवार को पैतृक गांव लाने की संभावना थी।
विज्ञापन
बताया जा रहा है वहां पर खराब मौसम के कारण पार्थिव शरीर चोटी से नीचे नहीं उतारा जा सका है। जवान के पार्थिव शरीर के 21 मई तक पैतृक गांव लाए जाने की संभावना है। इस दुखद घटना के बाद से पूरे बरम क्षेत्र में शोक छाया है। परिजन गहरे सदमे में हैं। ब्यूरो
विज्ञापन