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इस बार भी सीवर, पार्क, नाली के मुद्दे प्रमुख
Updated Fri, 19 Oct 2018 10:49 PM IST
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पिथौरागढ़। निकाय चुनाव की तिथि नजदीक आते ही क्षेत्रवासियों की समस्याएं भी उठने लगी हैं। जिले की सबसे बड़ी पिथौरागढ़ नगरपालिका में सीवर, पार्क, पथ प्रकाश व्यवस्था, निकास नाली की समस्याएं हैं, जो इस चुनाव में भी प्रमुख मुद्दे हैं। हालांकि, इनका समाधान कब होगा, यह तो कोई नहीं जानता।
जिले के सबसे बड़े नगरपालिका क्षेत्र पिथौरागढ़ में वर्ष 2004 से बन रही सीवर लाइन का काम पूरा नहीं हुआ है। 57 किमी लंबी लाइन में से अब तक करीब 20 किमी लाइन बिछी है। ऐंचोली में सीवर ट्रीटमेंट प्लांट बन रहा है। नहर के कई इलाकों में अब भी सीवर लाइनें नहीं बिछी हैं। लोगों को शौचालय के लिए घरों के पास पिट बनाने पड़ रहे हैं। सीवर सिस्टम धरातल पर नहीं आने से भूमिगत जल प्रदूषित हो रहा है। हर बार सीवर का मुद्दा निकाय चुनावों में लोगों के जेहन में रहता है।
इसके अलावा पालिका क्षेत्र में इंदिरा पार्क, नेहरू पार्क, संपूर्णानंद पार्क समेत कई खूबसूरत पार्क हैं, लेकिन देखरेख के अभाव में सभी पार्क बदहाल हैं। नगरपालिका ने इन पार्कों की दशा सुधारने की दिशा में कभी कदम नहीं उठाए। यही कारण है कि यह पार्क अब भी सैलानियों और शहर के नागरिकों को कोई लाभ नहीं पहुंचा पा रहे हैं। निकास नालियां चोक रहने से थोड़ी सी बारिश में ही जल भराव की समस्या पैदा हो जाती है, लेकिन शहर की नालियों को दुरुस्त करने के लिए कभी कोई कदम नहीं उठे। लोनिवि ने सड़कों के किनारे नालियां बनाई भी तो आधी-अधूरी। इन मुद्दों के साथ ही पथ प्रकाश व्यवस्था की समस्या से निकाय चुनाव के प्रत्याशियों को जूझना होगा।
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नगरपालिका का दायित्व नगर क्षेत्र में स्ट्रीट लाइटें, संपर्क मार्ग, नाली निर्माण और सफाई व्यवस्था करने का है। पिथौरागढ़ निकाय में पांच सालों में इन कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर किया है। सीवर लाइन का कार्य राज्य सरकार है। डबल इंजन की सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए था। -जगत सिंह खाती, निवर्तमान नगरपालिका अध्यक्ष, पिथौरागढ़
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जिले के सबसे बड़े नगरपालिका क्षेत्र पिथौरागढ़ में वर्ष 2004 से बन रही सीवर लाइन का काम पूरा नहीं हुआ है। 57 किमी लंबी लाइन में से अब तक करीब 20 किमी लाइन बिछी है। ऐंचोली में सीवर ट्रीटमेंट प्लांट बन रहा है। नहर के कई इलाकों में अब भी सीवर लाइनें नहीं बिछी हैं। लोगों को शौचालय के लिए घरों के पास पिट बनाने पड़ रहे हैं। सीवर सिस्टम धरातल पर नहीं आने से भूमिगत जल प्रदूषित हो रहा है। हर बार सीवर का मुद्दा निकाय चुनावों में लोगों के जेहन में रहता है।
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इसके अलावा पालिका क्षेत्र में इंदिरा पार्क, नेहरू पार्क, संपूर्णानंद पार्क समेत कई खूबसूरत पार्क हैं, लेकिन देखरेख के अभाव में सभी पार्क बदहाल हैं। नगरपालिका ने इन पार्कों की दशा सुधारने की दिशा में कभी कदम नहीं उठाए। यही कारण है कि यह पार्क अब भी सैलानियों और शहर के नागरिकों को कोई लाभ नहीं पहुंचा पा रहे हैं। निकास नालियां चोक रहने से थोड़ी सी बारिश में ही जल भराव की समस्या पैदा हो जाती है, लेकिन शहर की नालियों को दुरुस्त करने के लिए कभी कोई कदम नहीं उठे। लोनिवि ने सड़कों के किनारे नालियां बनाई भी तो आधी-अधूरी। इन मुद्दों के साथ ही पथ प्रकाश व्यवस्था की समस्या से निकाय चुनाव के प्रत्याशियों को जूझना होगा।
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नगरपालिका का दायित्व नगर क्षेत्र में स्ट्रीट लाइटें, संपर्क मार्ग, नाली निर्माण और सफाई व्यवस्था करने का है। पिथौरागढ़ निकाय में पांच सालों में इन कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर किया है। सीवर लाइन का कार्य राज्य सरकार है। डबल इंजन की सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए था। -जगत सिंह खाती, निवर्तमान नगरपालिका अध्यक्ष, पिथौरागढ़