{"_id":"5b084fd34f1c1bf76e8b48ce","slug":"191527271379-pithoragarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीमांत की संचार सेवा ठप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीमांत की संचार सेवा ठप
Updated Fri, 25 May 2018 11:32 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झूलाघाट (पिथौरागढ़)। मूनाकोट ब्लॉक के दर्जनों गांवों की दूरसंचार सेवा बृहस्पतिवार शाम से ठप है। इस कारण क्षेत्र के सैकड़ों लैंडलाइन फोन, मोबाइल और इंटरनेट सेवा खराब हो गई है। संचार सेवा ठप होने से लोग नेपाली नंबरों से अपनों से बात कर रहे हैं।
नेपाल सीमा से सटे गांवों और कस्बों की संचार सेवा बाधित होने के पीछे पंडा से लेकर झूलाघाट तक ओएफसी कटना है। इस कारण वड्डा, मूनाकोट, बड़ालू, गौरीहाट, मजिरकांडा, झूलाघाट की संचार सेवा ठप पड़ी है। नतीजतन एसएसबी, पुलिस, कस्टम और खुफिया एजेंसियों को सूचना भेजने में दिक्कत हो रही है। रसोई गैस की बुकिंग भी नहीं हो पा रही है।
इन क्षेत्रों में बीएसएनएल के अलावा किसी भी संचार कंपनी के टावर नहीं हैं। महाकाली नदी के किनारे के लोग नेपाल की संचार कंपनियों पर ही निर्भर हैं। संचार सेवा ठप होने से लोगों को नेपाली नंबरों से सूचनाएं देनी पड़ रही हैं। बीएसएनएल के उपमंडलीय अभियंता एचएस मारकाना ने बताया कि फाल्ट चेक करने के लिए टीम क्षेत्र के लिए निकल गई है। खबर लिखे जाने तक संचार सेवा बहाल नही हो पाई थी।
विज्ञापन
टावर पर चढ़कर विरोध जताने का एलान
मजिरकांडा के सामाजिक कार्यकर्ता दिवाकर भट्ट ने डीएम को डाक से भेजे पत्र में एक सप्ताह के भीतर मजिरकांडा का मोबाइल टावर ठीक न होने पर टावर पर चढ़कर विरोध जताने का एलान किया है। कहा है कि मोबाइल टावर के काम न करने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
नेपाल सीमा से सटे गांवों और कस्बों की संचार सेवा बाधित होने के पीछे पंडा से लेकर झूलाघाट तक ओएफसी कटना है। इस कारण वड्डा, मूनाकोट, बड़ालू, गौरीहाट, मजिरकांडा, झूलाघाट की संचार सेवा ठप पड़ी है। नतीजतन एसएसबी, पुलिस, कस्टम और खुफिया एजेंसियों को सूचना भेजने में दिक्कत हो रही है। रसोई गैस की बुकिंग भी नहीं हो पा रही है।
विज्ञापन
इन क्षेत्रों में बीएसएनएल के अलावा किसी भी संचार कंपनी के टावर नहीं हैं। महाकाली नदी के किनारे के लोग नेपाल की संचार कंपनियों पर ही निर्भर हैं। संचार सेवा ठप होने से लोगों को नेपाली नंबरों से सूचनाएं देनी पड़ रही हैं। बीएसएनएल के उपमंडलीय अभियंता एचएस मारकाना ने बताया कि फाल्ट चेक करने के लिए टीम क्षेत्र के लिए निकल गई है। खबर लिखे जाने तक संचार सेवा बहाल नही हो पाई थी।
विज्ञापन
टावर पर चढ़कर विरोध जताने का एलान
मजिरकांडा के सामाजिक कार्यकर्ता दिवाकर भट्ट ने डीएम को डाक से भेजे पत्र में एक सप्ताह के भीतर मजिरकांडा का मोबाइल टावर ठीक न होने पर टावर पर चढ़कर विरोध जताने का एलान किया है। कहा है कि मोबाइल टावर के काम न करने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।