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गंगोलीहाट तहसील में शामिल न किया तो चुनाव बहिष्कार
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गंगोलाहाट (पिथौरागढ़)। खिरमांडे क्षेत्र के तमाम गांवों के लोगों ने गणाईगंगोली तहसील से हटाकर गंगोलीहाट तहसील में शामिल करने समेत अन्य मांगों को लेकर लोकसभा चुनावों का बहिष्कार करने का एलान किया है।
उल्का ज्वाला संघर्ष समिति ने एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में कहा है कि ननोली पटवारी क्षेत्र के नाकोट, ननोली, वज्यूड़ा, पिलखी, ग्वासीकोट आदि गांवों को जनता के विरोध के बाद भी गणाईगंगोली तहसील में शामिल कर दिया। कहा कि वर्ष 2016 में क्षेत्र के लोगों ने 33 दिन तक क्रमिक अनशन और पांच दिन तक आमरण अनशन किया था। इसके बाद शासन, प्रशासन के प्रतिनिधियों के साथ हुए समझौते में ननोली पटवारी क्षेत्र को गंगोलीहाट तहसील में मिलाने के साथ ही खिरमांडे में स्टेट बैंक की स्थापना, सरयू नदी से ग्वासीकोट के लिए पानी की योजना बनाने, खिरमांडे-रामपुर सड़क के कुलूर नदी में पुल का निर्माण, खिरमांडे-खड़की मोटर मार्ग निर्माण समेत तमाम मागों को पूरा करने का आश्वासन दिया गया लेकिन एक भी वायदे पर अमल नहीं हुआ। संघर्ष समिति के अध्यक्ष सर्वजीत राम, क्षेत्र पंचायत सदस्य मुन्नी देवी, प्रधान आनंदी देवी, शांति देवी ने कहा है कि चुनाव आचार संहिता से पहले इन मांगों पर कार्यवाही नहीं होती है तो लोकसभा चुनावों का बहिष्कार किया जाएगा। ब्यूरो
उल्का ज्वाला संघर्ष समिति ने एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में कहा है कि ननोली पटवारी क्षेत्र के नाकोट, ननोली, वज्यूड़ा, पिलखी, ग्वासीकोट आदि गांवों को जनता के विरोध के बाद भी गणाईगंगोली तहसील में शामिल कर दिया। कहा कि वर्ष 2016 में क्षेत्र के लोगों ने 33 दिन तक क्रमिक अनशन और पांच दिन तक आमरण अनशन किया था। इसके बाद शासन, प्रशासन के प्रतिनिधियों के साथ हुए समझौते में ननोली पटवारी क्षेत्र को गंगोलीहाट तहसील में मिलाने के साथ ही खिरमांडे में स्टेट बैंक की स्थापना, सरयू नदी से ग्वासीकोट के लिए पानी की योजना बनाने, खिरमांडे-रामपुर सड़क के कुलूर नदी में पुल का निर्माण, खिरमांडे-खड़की मोटर मार्ग निर्माण समेत तमाम मागों को पूरा करने का आश्वासन दिया गया लेकिन एक भी वायदे पर अमल नहीं हुआ। संघर्ष समिति के अध्यक्ष सर्वजीत राम, क्षेत्र पंचायत सदस्य मुन्नी देवी, प्रधान आनंदी देवी, शांति देवी ने कहा है कि चुनाव आचार संहिता से पहले इन मांगों पर कार्यवाही नहीं होती है तो लोकसभा चुनावों का बहिष्कार किया जाएगा। ब्यूरो
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