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दिखावा बनकर रह गया 2.50 करोड़ का आईसीयू
Updated Wed, 17 Oct 2018 11:01 PM IST
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पिथौरागढ़। सीमांत के एकमात्र जिला अस्पताल में 2.50 करोड़ रुपये की लागत से तैयार आईसीयू महज दिखावा बनकर रह गया है। आईसीयू के लिए अब तक विशेषज्ञ डॉक्टर एवं स्टाफ नर्सों की तैनाती नहीं होने से मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
पिथौरागढ़ जिला स्वास्थ्य सुविधाओं के मामले में बेहद पिछड़ा है। यहां आईसीयू की सुविधा नहीं होने से सात माह पहले हंस फाउंडेशन की ओर से 2.50 करोड़ की लागत से जिला अस्पताल में आईसीयू की स्थापना की गई थी। इसमें चार बेड और एक आइसोलेशन वार्ड भी है। अप्रैल में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इसका उद्घाटन किया था, लेकिन सरकार अब तक इस यूनिट में विशेषज्ञ चिकित्सक और स्टाफ नर्स की तैनाती नहीं कर सकी है।
ऐसे में यह आईसीयू महज ऑक्सीजन देने के काम आ रहा है। जिला अस्पताल के चिकित्सक ही इसमें भर्ती मरीजों की जांच करते हैं। आईसीयू में जनरेटर आ चुका है, लेकिन अब तक इसे संचालित नहीं किया गया है। हल्द्वानी के आईसीयू स्पेशलिस्ट डॉ.संजय सिंह ने बताया कि आईसीयू के लिए कम से कम दो एनेस्थेटिक्स, एक चेस्ट फिजीशियन और दो मरीजों के साथ एक ट्रेंड नर्स का होना जरूरी होता है। आईसीयू में 24 घंटे आक्सीजन की जरूरत होती है।
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आईसीयू में विशेषज्ञ चिकित्सकों और तीन नर्सों की तैनाती के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती होने पर मरीजों को सुविधा मिल सकेगी। वर्तमान में जिला अस्पताल का स्टाफ ही आईसीयू में भर्ती मरीजों की जांच कर रहा है। -डॉ.निर्मला पुनेठा, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक, पिथौरागढ़ जिला अस्पताल।
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पिथौरागढ़ जिला स्वास्थ्य सुविधाओं के मामले में बेहद पिछड़ा है। यहां आईसीयू की सुविधा नहीं होने से सात माह पहले हंस फाउंडेशन की ओर से 2.50 करोड़ की लागत से जिला अस्पताल में आईसीयू की स्थापना की गई थी। इसमें चार बेड और एक आइसोलेशन वार्ड भी है। अप्रैल में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इसका उद्घाटन किया था, लेकिन सरकार अब तक इस यूनिट में विशेषज्ञ चिकित्सक और स्टाफ नर्स की तैनाती नहीं कर सकी है।
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ऐसे में यह आईसीयू महज ऑक्सीजन देने के काम आ रहा है। जिला अस्पताल के चिकित्सक ही इसमें भर्ती मरीजों की जांच करते हैं। आईसीयू में जनरेटर आ चुका है, लेकिन अब तक इसे संचालित नहीं किया गया है। हल्द्वानी के आईसीयू स्पेशलिस्ट डॉ.संजय सिंह ने बताया कि आईसीयू के लिए कम से कम दो एनेस्थेटिक्स, एक चेस्ट फिजीशियन और दो मरीजों के साथ एक ट्रेंड नर्स का होना जरूरी होता है। आईसीयू में 24 घंटे आक्सीजन की जरूरत होती है।
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आईसीयू में विशेषज्ञ चिकित्सकों और तीन नर्सों की तैनाती के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती होने पर मरीजों को सुविधा मिल सकेगी। वर्तमान में जिला अस्पताल का स्टाफ ही आईसीयू में भर्ती मरीजों की जांच कर रहा है। -डॉ.निर्मला पुनेठा, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक, पिथौरागढ़ जिला अस्पताल।