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कांग्रेसियों की बैठक में हंगामा, हाथापाई की नौबत
Updated Thu, 12 Apr 2018 10:57 PM IST
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बेड़ीनाग (पिथौरागढ़)। वर्ष-2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी में स्थानीय स्तर पर शुरू हुई गुटबाजी की रार अब तक बरकरार है। बृहस्पतिवार को राज्यसभा सांसद प्रदीप टम्टा की मौजूदगी में लोनिवि अतिथि गृह में आयोजित बैठक में कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। वरिष्ठ नेताओं की मध्यस्थता के बावजूद आरोप-प्रत्यारोपों के बीच कई बार हाथापाई की नौबत आ गई। बैठक का अधिकतर समय हंगामे की भेंट चढ़ गया।
राज्यसभा सांसद प्रदीप टम्टा, पूर्व विधायक नारायण राम आर्य, ब्लॉक प्रमुख रेखा भंडारी की मौजूदगी में कार्यकर्ताओं की बैठक शुरू हुई। बैठक में निकाय और सहकारिता चुनावों की तैयारियों के टिप्स दिए जाने थे। बैठक शुरू होने के कुछ देर बाद ही विधानसभा चुनाव में भितरघात का मुद्दा उठ गया। इस पर आरोप-प्रत्यारोपों के बीच जबरदस्त हंगामा शुरू हो गया। कार्यकर्ता विधानसभा चुनाव में पार्टी प्रत्याशी की कम अंतर से हुई पराजय का ठीकरा एक-दूसरे पर फोड़ने लगे। कार्यकर्ता निकाय चुनाव के लिए भी अलग-अलग गुटों के दावेदारों के समर्थन में पैरवी करने लगे।
इस कारण कई बार धक्कामुक्की और हाथापाई की नौबत भी आ गई। बाद में राज्यसभा सांसद प्रदीप टम्टा ने बमुश्किल कार्यकर्ताओं को शांत कराया। बैठक में पूर्व विधायक नारायण राम आर्य, ब्लॉक प्रमुख रेखा भंडारी, सांसद प्रतिनिधि महेश डसीला, हयात बाफिला, हयात भंडारी, बलवंत धानिक, रवींद्र बोरा, हेम पंत, कुमुद पंत, अमित पाठक आदि मौजूद थे। उल्लेखनीय है कि गुटबाजी के चलते करीब छह महीने से यहां ब्लॉक अध्यक्ष पद का चुनाव नहीं हो पाया है।
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पत्रकारों को कवरेज से रोका
राज्यसभा सांसद प्रदीप टम्टा ने सुबह 9.30 बजे स्थानीय पत्रकारों को वार्ता के लिए बुलाया था। पत्रकार नियत समय पर पहुंच गए थे, लेकिन वार्ता शुरू होने से पहले ही वहां हंगामा शुरू हो गया। पत्रकार हंगामे की कवरेज करने लगे तो उन्हें कक्ष से बाहर जाने को कहकर दरवाजे में कुंडा लगा दिया। इससे खिन्न होकर पत्रकार सांसद से वार्ता किए बगैर आ गए।
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राज्यसभा सांसद प्रदीप टम्टा, पूर्व विधायक नारायण राम आर्य, ब्लॉक प्रमुख रेखा भंडारी की मौजूदगी में कार्यकर्ताओं की बैठक शुरू हुई। बैठक में निकाय और सहकारिता चुनावों की तैयारियों के टिप्स दिए जाने थे। बैठक शुरू होने के कुछ देर बाद ही विधानसभा चुनाव में भितरघात का मुद्दा उठ गया। इस पर आरोप-प्रत्यारोपों के बीच जबरदस्त हंगामा शुरू हो गया। कार्यकर्ता विधानसभा चुनाव में पार्टी प्रत्याशी की कम अंतर से हुई पराजय का ठीकरा एक-दूसरे पर फोड़ने लगे। कार्यकर्ता निकाय चुनाव के लिए भी अलग-अलग गुटों के दावेदारों के समर्थन में पैरवी करने लगे।
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इस कारण कई बार धक्कामुक्की और हाथापाई की नौबत भी आ गई। बाद में राज्यसभा सांसद प्रदीप टम्टा ने बमुश्किल कार्यकर्ताओं को शांत कराया। बैठक में पूर्व विधायक नारायण राम आर्य, ब्लॉक प्रमुख रेखा भंडारी, सांसद प्रतिनिधि महेश डसीला, हयात बाफिला, हयात भंडारी, बलवंत धानिक, रवींद्र बोरा, हेम पंत, कुमुद पंत, अमित पाठक आदि मौजूद थे। उल्लेखनीय है कि गुटबाजी के चलते करीब छह महीने से यहां ब्लॉक अध्यक्ष पद का चुनाव नहीं हो पाया है।
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पत्रकारों को कवरेज से रोका
राज्यसभा सांसद प्रदीप टम्टा ने सुबह 9.30 बजे स्थानीय पत्रकारों को वार्ता के लिए बुलाया था। पत्रकार नियत समय पर पहुंच गए थे, लेकिन वार्ता शुरू होने से पहले ही वहां हंगामा शुरू हो गया। पत्रकार हंगामे की कवरेज करने लगे तो उन्हें कक्ष से बाहर जाने को कहकर दरवाजे में कुंडा लगा दिया। इससे खिन्न होकर पत्रकार सांसद से वार्ता किए बगैर आ गए।